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करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला रायपुर ट्रेजर आईलैण्ड का डायरेक्टर गिरफ्तार

👤 Veer Arjun Desk 4 | Updated on:2018-06-18 12:54:15.0
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रायपुर, (छत्तीसगढ़, ब्यूरो)। ट्रेजर आईलैण्ड कॉम्पलेक्स को यूको एवं पंजाब नेशनल बैंक में बंधक रखकर करोड़ों रूपए की लोन लेने व कॉम्पलेक्स के दुकान को बेचने के मामले में डायरेक्टर को इंदौर से गिरफ्तार किया गया है।

मामले की खुलासा करते हुए एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि समता कालोनी निवासी पार्थी हितेश मित्तल पेशे से ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते है। पार्थी ने थाने में शिकायत किया कि ग्राम जोरा स्थित ट्रेजर आईलैण्ड पाईवेट लिमिटेड के संचालक अविनाश हसीजा, योगेश गोस्वामी एवं नारायण खंडेलवाल है। जिनका मुख्य कार्पोरेट ऑफिस तुकोगंज मेन रोड इंदौर में है। कविता नगर रायपुर निवासी सी.के.बावरिया रायपुर स्थित ट्रेजर आईलैंड का अधिकृत पतिनिधि है। सी.के.बावरिया ने 23 सितंबर 2012 को एक दैनिक अखबार में विज्ञापन पकाशित कराया था। जिसे पढ़कर पार्थी ने ट्रेजर आईलैण्ड के संचालकों से संपर्प किया कि निर्मित मल्टीपेक्स कॉम्पलेक्स के द्वितीय तल के दुकान कमांक यूनिट एस 6 को खरीदने के लिए 67 लाख 43 हजार 66 रूपए में सौदा तय हुआ। जिससे पार्थी ने 24 सितंबर 2012 को ट्रेजर आईलैंड के संचालकों को 51 हजार रूपए बयाना दिया और बाकी का रकम चेक व आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न किस्तों में दिया गया। 25 जनवरी 2013 को सी.के.बावरिया ने पार्थी के नाम से उक्प दुकान का रजिस्ट्री करा दिया और इकरारनामा कर पार्थी को दे दिया।

उक्प संचालकों के द्वारा दुकान विज्ञापन निकाला गया था तब उसमें यह शर्त रखा गया था कि यदि कोई निवेशक रायपुर ट्रेजर आईलैण्ड जोरा में खरीदी कर निवेश करेगा तो उसके दुकान के अतिरिक्प रकम का 10 पतिशत रिटन ऑन इन्वेस्टमेंट के रूप में लाभ पदान करेगा। जिस पर संचालकों द्वारा पार्थी को मूल रकम का अलग-अलग किस्तों में चेक के माध्यम से 6 लाख 74 हजार 304 रूपए पार्थी को वापस दिया गया था। दुकान की रजिस्ट्री के बाद पार्थी जब भी संचालकों से दुकान के कब्जा के संबंध में बात करता तो पार्थी को गोलमोल जवाब देकर टाल दिया जाता था। तभी पार्थी को न्यूज पेपर के माध्यम से ज्ञात हुआ कि ट्रेजर आईलैझउ के कॉम्पलेक्स को यूकों एवं पंजाब नेशनल बैंक ने अपने कब्जे में ले लिया है। जिससे पार्थी ने 31 जनवरी 2014 को ट्रेजर आईलैण्ड दुकान को देखने के लिए गया तो वहां मुख्य दरवाजे पर यूकों एवं पंजाब नेशनल बैंक का नोटिस चस्पा किया गया था तथा बैंक का गार्ड लगा था। पार्थी अंदर जाकर अपना दुकान देखना चाहा तो गार्ड ने रोक दिया और बताया कि ट्रेजर आईलैण्ड के संचालकों ने 31 मार्च 2013 को पंजाब नेशनल बैंक से 52 करोड़ 65 लाख 64 हजार रूपए लोन लिया था। उसके बाद संचालकों ने 1 जुलाई 2013 को यूकों बैंक से ट्रेजर आईलैण्ड की निर्माण के लिए 82 करोड़ 61 लाख 41 हजार रूपए लोन लिए थे। रकम की अदायगी नहीं करने पर बैंकों के द्वारा कब्जा में लिया गया है। पार्थी द्वारा संचालकों तथा बाबरिया से संपर्प किया गया तो पार्थी को ट्रेजर आईलैण्ड के मैनेजर सैय्यद अहमद के द्वारा दिनांक 19 मई 2014 को लिख कर दिया गया कि हम आपके बहुत जल्दी बैंक से एनओसी दिलवा देंगे। परंतु अभी तक पार्थी को दुकान में कबज नहीं दिया गया और न ही रकम वापस किया गया। जिससे पार्थी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी कर ट्रेजर आईलैण्ड के डायरेक्टर नारायण खंडेलवाल पिता कन्हैया दास 38 वर्ष को राजेन्द नगर इंदौर से गिरफ्तार किया है।

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