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विंध्य के चावल की भीनी खुशबु से अब महकेगा चीन

👤 mukesh | Updated on:5 Dec 2021 7:14 PM GMT

विंध्य के चावल की भीनी खुशबु से अब महकेगा चीन

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- अन्नदाताओं के लिए विकास संग समृद्धि के खुलेंगे नए द्वार

मीरजापुर। विंध्य क्षेत्र के खेतों में पैदा मंसूरी चावल की भीनी खुशबु से अब हमारा पड़ोसी देश चीन भी महकेगा। मीरजापुर से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण वाराणसी (एपीडा) के सहयोग से चीन को लगभग 1300 एमटी चावल की खेप निर्यात की जा रही है। इससे विन्ध्य क्षेत्र के किसानों के लिए विकास संग समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार द्वारा गठित कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के चलते यह संभव हो पाया है। विन्ध्यांचल किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के केशवनाथ तिवारी अन्नपूर्णा एग्रो एलएलपी के माध्यम से और मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस की प्रेरणा से निर्यात कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से जिले में 30 एफपीओ का गठन किया जा सका है, किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार साबित हो रहे हैं। उप निदेशक कृषि डा.अशोक उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में एफपीओ के माध्यम से जैविक खाद की मदद से उत्पादन पर जोर दिया जा रह है। जैविक खाद की मदद से पैदा उनाज को बाहर भेजा जा सके। कृषि विभाग के प्रयासों के चलते एफपीओ का गठन किया जा रहा है। एपीडा के कंसल्टेंट शुभम राय ने बताया कि एपीडा किसानों को उनके उपज का सही मूल्य दिलाकर बढ़ावा दिया जा रहा है। विदेशों में निर्यात के लिए एपीडा द्वारा सदस्यता प्रदान किया जाता है।

सहायक महाप्रबंधक, एपीडा, मीरजापुर सीबी सिंह ने बताया कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद नर्यिात विकास प्राधिकरण वाराणसी (एपीडा) किसानों के उपज की बक्रिी संग उचित दाम के लिए प्रयास कर रही है। जिससे किसानों की आय सरकार की मंशानुरुप दोगुनी हो सके। किसानों को सदस्य बनाकर प्रेरित किया जाता है। मीरजापुर से 1300 एमटी चावल चीन भेजा जा रहा है, जो देश, प्रदेश व जिले के लिए उपलब्धि है।

ओमान में धूम मचा रहा सीखड़ का टमाटर

विकास खंडसीखड़ की कनकलता पांडेय व पति बासदेव पांडेय आर्गेनिक विधि से टमाटर का उत्पादन कर किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। इनके टमाटर आज लंदन, ओमान व नेपाल के बाजारों में बिक रहे है। सीखड़ के मुकेश पांडेय एफपीओ का गठन करके दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। (एजेंसी, हि.स.)

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