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भारत की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2021-22 में 6.5 फीसदी रहने की संभावना

👤 mukesh | Updated on:14 Jan 2022 8:17 PM GMT

भारत की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2021-22 में 6.5 फीसदी रहने की संभावना

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- संयुक्त राष्ट्र ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने की संभावना जताया

नई दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने चालू वित्त वर्ष (current financial year) में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान (India's economic growth rate is estimated to be 6.5%) जताया है, जो एक साल पहले के 8.4 फीसदी के पूर्वानुमान से कम है। हालांकि, कैलेंडर साल के हिसाब से 2022 में भारत की जीडीपी 6.7 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि साल 2021 में यह 9 फीसदी की दर से बढ़ी थी।

संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना-2022 (डब्ल्यूईएसपी) रिपोर्ट और शुक्रवार को आयोजित वेबिनार में हिन्दुस्थान समाचार संवाददाता के पूछे गए सवाल के जवाब में ये संभावना जताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक भारत कोविड-19 महामारी के दौरान तेजी से टीकाकरण अभियान चलाकर वृद्धि के 'ठोस मार्ग' पर अग्रसर है लेकिन कोयले की किल्लत एवं तेल की ऊंची कीमत आने वाले वक्त में आर्थिक गतिविधियों को थाम सकती है।

डब्ल्यूईएसपी रिपोर्ट के मुताबिक भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2021-22 में 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में गिरावट को दर्शाता है। विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना-2022 रिपोर्ट के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगामी वित्त वर्ष 2022-23 में और घटकर 5.9 फीसदी रहने का अनुमान है। ये अनुमान कोविड-19 के मौजूदा वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते प्रभाव की वजह से देश के कई राज्यों में लागू होने वाले प्रतिबंधों की वजह से हो सकती है।

हालांकि, विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना-2022 वेबिनार में कैलेंडर साल के हिसाब से 2022 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.7 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जताया गया है, जबकि साल 2021 में यह 9 फीसदी की दर से बढ़ी थी। इसकी वजह यह है कि कोरोना काल में हुए संकुचन का तुलनात्मक आधार प्रभाव अब खत्म हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक टीकाकरण की तेज रफ्तार और अनुकूल राजकोषीय एवं मौद्रिक रुख के बीच भारत का आर्थिक पुनरुद्धार ठोस रास्ते पर है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) ने जहां पिछले हफ्ते जारी वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर वित्त वर्ष 2021-22 में 9.2 फीसदी रहने का अनुमान है। घरेलू रेटिंग्स एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने पूरे साल के लिए जीडीपी ग्रोथ में पिछले अनुमानों के मुकाबले 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 9.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इसके साथ ही विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट के अपने अनुमान को 8.3 फीसदी पर बरकरार रखा है। (एजेंसी, हि.स.)

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