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..और अब मुंबईं की निर्भया

👤 Veer Arjun | Updated on:15 Sep 2021 4:45 AM GMT

..और अब मुंबईं की निर्भया

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-अनिल नरेन्द्र

मुंबईं उपनगरीय इलाके साकीनाका में बलात्कार और निजी अंगों में लोहे की छड़ डालने की वीभत्सता का शिकार बनी 34 वषाया महिला ने यहां नगरपालिका के एक अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार तड़के दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि महिला के निजी अंगों में गंभीर चोटें आईं थीं और हादसे में उसका बहुत खून बह गया था। एक अधिकारी ने बताया कि वह शुक्रवार तड़के राजावाड़ी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही थी।

उन्होंने बताया कि महिला से बलात्कार के बाद और छड़ से निर्ममता से उस पर हमला करने के बाद आरोपी ने उस पर चावू से भी वार किया। अधिकारी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार तड़के सामने आईं थी जब पुलिस को साकीनाका में खैरानी रोड पर एक शख्स के द्वारा एक महिला पर हमला करने के बारे में फोन आया था। उन्होंने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची जहां उसने महिला को खून से सना हुआ पाया, जिसके बाद उसे राजावाड़ी अस्पताल में भता कराया गया। अधिकारी ने बताया—जांच के दौरान सामने आया कि सड़क किनारे खड़े एक टैंपो के भीतर महिला से बलात्कार किया गया और उसके शरीर एवं निजी अंगों पर लोहे की छड़ से निर्ममता से वार किया गया, साथ ही बताया कि पुलिस को टैंपो में खून के निशान भी मिले। उन्होंने बताया कि इलाके की सीसीटीवी पुटेज खंगालने पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की है जो वीडियो में टैंपो से बाहर निकलता दिख रहा है। पुलिस ने बाद में मोहन चौहान (45) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

इस घटना के बाद राज्य सरकार इंटरनेट मीडिया एवं विपक्षी दल भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा है कि महिलाओं पर बढ़ी अत्याचार की घटनाओं से सिद्ध होता है कि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम रही है। एक व्यक्ति ने ट्वीट किया कि हाथरस में ड्रामा करने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा अब कहां है? इस पर राज्य सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा है कि हम सुनिश्चित करेंगे कि फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाकर जल्द न्याय दिलवाए। सीएम उद्धव ठाकरे ने भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाईं का वादा किया है। वहीं सरकार के एक और वरिष्ठ मंत्री एकनाथ शिंदे ने जानकारी दी है कि पीड़ि‍ता की दोनों छोटी बच्चियों की देखभाल अब राज्य सरकार करेगी। दिल्ली की निर्भया की तर्ज पर मुंबईं में दुष्कर्म एवं क्रूरता झेलने वाली मुंबईं की महिला ने अपने साथ हुईं बर्बरता के 33 घंटे बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। ऐसे दरिदों को जल्द से जल्द मौत की सजा होनी चाहिए और निर्भया के आरोपियों की तरह फांसी पर टांग देना चाहिए। हमने सोचा था कि शायद निर्भया के दोषियों को सजा देने के बाद इस प्राकार के घिनौने कांड बंद होंगे पर हम गलत साबित हुए।

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