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स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने का प्रयास

👤 Veer Arjun | Updated on:16 Sep 2021 4:45 AM GMT

स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने का प्रयास

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-अनिल नरेन्द्र

दो समाचार वेबसाइट के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाईं पर चिंता व्यक्त करते हुए एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईंजीआईं) ने रविवार को कहा कि सरकारी एजेंसियों द्वारा स्वतंत्र मीडिया को परेशान करने और डराने की खतरनाक प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए, क्योंकि यह संवैधानिक लोकतंत्र को कमजोर करती है। ईंजीआईं ने उल्लेख किया कि आयकर विभाग की टीम ने 10 सितम्बर को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल न्यूज क्लिक और न्यूजलांड्री के परिसरों का दौरा किया और दोनों न्यूज पोर्टल के बही-खातों के अवलोकन का अभियान चलाया। गिल्ड ने कहा कि यह दोनों समाचार वेबसाइट के कार्यांलयों में बही- खातों के अवलोकन के लिए आयकर विभाग की कार्रवाईं से परेशान है।

ईंजीआईं ने एक बयान में कहा कि गिल्ड इस तरह की कार्रवाईं से बहुत चिंतित है। इसमें पत्रकारों की संवेदनशील जानकारी जैसे स्रोतों का विवरण, खबरों से जुड़ी जानकारी व अन्य विवरण हो सकते हैं। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। न्यूजलांड्री के सह-संस्थापक अभिन्दन सेखरी द्वारा जारी बयान के अनुसार यह उनके अधिकारों पर हमला था और इसलिए यह प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है। ईंजीआईं ने कहा कि पता चला है कि आयकर विभाग की टीम ने सेखरी के मोबाइल और लैपटाप के साथ-साथ कार्यांलय की वुछ अन्य मशीनों के क्लोन बनाए और उन्हें कोईं हैश मान नहीं दिए गए। यह स्पष्ट रूप से आयकर कानून की धारा 153 ए के तहत परिभाषित सेवा के आदेश से परे हैं, जो केवल जांच से संबंधित डेटा की प्रतिलिपि बनाने की अनुमति देता है। ईंजीआईं ने कहा कि वो दोनों पोर्टल केन्द्र सरकार की नीतियों और कार्यंप्रणाली के आलोचक रहे हैं। गिल्ड ने कहा कि ऐसी चीजों में बहुत सावधानी और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए ताकि जांच निर्धारित नियमों के भीतर हो।

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