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पेगासस का इस्तेमाल किया या नहीं

👤 Veer Arjun | Updated on:16 Sep 2021 5:00 AM GMT

पेगासस का इस्तेमाल किया या नहीं

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-अनिल नरेन्द्र

स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से विपक्षी नेताओं, पत्रकारों व अन्य लोगों की जासूसी के मामले में दायर याचिकाओं पर केन्द्र सरकार ने अतिरिक्त हलफनामा दायर करने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यंकांत व जस्टिस हीमा कोहली की पीठ ने इस मामले में केन्द्र सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतरिम आदेश सुरक्षित रखते हुए कहा कि वह 2-3 दिन में पैसला सुनाएगी। अगर इस दौरान केन्द्र सरकार उसे वुछ बताना चाहती है तो बता सकती है। इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार एन. राम, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा सहित 15 लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। सभी ने मामले की रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कराने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाईं पर केन्द्र के महज दो पेज के हलफनामे पर असंतोष जाहिर करते हुए नया हलफनामा दायर करने को कहा था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि केन्द्र सरकार जानकारी छिपाना चाहती है। ऐसे में सरकार को कमेटी गठन क्यों करने दिया जाए?

एक वरिष्ठ वकील ने कहा कि आईंआईंटी कानून के विशेषज्ञ ने हलफनामा दायर कर बताया कि जिन लोगों की जासूसी होती है उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं हो पाती। उनके मुवक्किल आईंआईंएमके रिटायर्ड प्रोपेसर हैं। अगर ऐसे सम्मानितों को निशाना बनाया जा रहा है तो यह लोकतंत्र पर प्रहार है। वकील दिनेश द्विवेदी ने कहा कि सिविल प्रोसीजर कोड कहता है कि प्रतिवादी किसी आरोप से इंकार करते हैं तो वह स्पष्ट हो। उन्होंने कहा-सरकार एक ओर तो आरोप को बेबुनियाद बता रही है और दूसरी ओर कमेटी बनाने की बात कर रही है। इसका मतलब सरकार ने इसका इस्तेमाल किया है। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहते हैं कि सरकार लिखकर दे कि वह पेगासस का इस्तेमाल करती है या नहीं? हमारा मानना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। हम हलफनामा दायर कर बहस नहीं कर सकते। हम निष्पक्ष कमेटी बनाएंगे।

जस्टिस सूर्यंकांत ने कहा कि आप भले ही संवेदनशील जानकारी न दें। मगर इसका जवाब जरूर दें कि क्या जासूसी हुईं और क्या यह सब सरकार की अनुमति से हुआ। चीफ जस्टिस रमण ने कहा कि हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों में कोईं दिलचस्पी नहीं है। हमें सिर्प जानना है कि क्या कोईं भी पेगासस इस्तेमाल कर सकता है? क्या सरकार ने इसका इस्तेमाल किया? क्या वह कानूनी तरीके से हुआ? सरकार अतिरिक्त हलफनामा दायर नहीं करना चाहती तो हमें आदेश पारित करना पड़ेगा?

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