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43 साल पुराने गुलमोहर के पेड़ गिरने से भावुक हुए बिग बी

👤 manish kumar | Updated on:6 July 2020 4:36 AM GMT

43 साल पुराने गुलमोहर के पेड़ गिरने से भावुक हुए बिग बी

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अमिताभ बच्चन ने अपने बंगले प्रतीक्षा और उनके बगीचे के एक पेड़ की कहानी साझा की है। बिग बी ने अपने बंगले के 43 साल पुराने गुलमोहर के पेड़ की कहानी बताया है, जो हाल ही में बारिश के दौरान गिर गया। अभिनेता ने पेड़ के बारे कुछ ऐसी बाते बताई जो शायद ही किसी को पता होगा। उन्होंने गुलमोहर के पेड़ से जुड़ी यादों को साझा किया और यह भी बताया कि अपने दिवंगत पिता कवि हरिवंश राय बच्चन की कविताओं में से एक शब्द पर उनके घर का नाम कैसे पड़ा। उन्होंने ब्लॉग पर गुलमोहर के पेड़ की तस्वीर भी शेयर की है। साथ ही उन्होंने एक कविता भी लिखा है।

दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग पर लिखा कि ये अपने पूरी समय तक सेवा किया.. और स्वेच्छा से गिर गया.. अपनी जड़ों से टूट गया और गिर गया.. और इसके साथ ही इससे जुड़ी 43 साल का इतिहास भी गिर गया.. इसका जीवन और वह सब कुछ जो उसने प्रदर्शित किया। 1976 में जिस दिन हम उस पहले घर में गए, जिसे इस पीढ़ी ने कभी खरीदा और बनाया था, और अपना खुद का नाम दिया.. इसे एक पौधे के रूप में लगाया गया था, इसकी ऊंचाई कुछ इंच था। उसने लॉन के बीच से पूरे को कवर कर लिया।।

बाबूजी ने घर को देखा क्योंकि हमने उन्हें और मां जी को अब हमारे साथ रहने के लिए आमंत्रित किया था और इसका नाम रखा गया था प्रतीक्षा .. यह उनके एक कविता की एक पंक्ति से आया था। 'स्वागत सबके लिए यहां पर, नहीं किसी के लिए प्रतीक्षा'..बच्चे इसके चारों ओर बड़े हुए .. ग्रैंड चिल्ड्रन .. उनके जन्मदिन और त्योहारों के उत्सव में सभी ने इस सुंदर गुलमोहर को पेड़ को सजाया, इसके चमकीले नारंगी फूल जो गर्मियों के दौरान खिलते थे .. उसके कुछ कदमों की दूरी पर बच्चों की शादी हुई। और वह उनके ऊपर अभिभावक की तरह खड़ा रहा। जब घर के बुजुर्ग बाबूजी, मां जी गुजरे तो उसकी शाखाएं दुख और शोक में झुक गई। उनके गुजरने के 13वें और 12वें दिन उसकी छाया में प्रार्थना सभा हुई, होलिका .. होली के उत्सव से एक दिन पहले बुरी शक्तियों का जलना, उसी के आसपास जलाया ..दीवाली उसकी सभी शाखाओं को लाइटों से सजाकर उसके साथ मनाना.. सत्यनारायण की पूजा और शांति और समृद्धि के लिए हवन, इसकी चौकस देखरेख में।

.. और आज आसपास के सारे दुखों से दूर हो गया.. यह चुपचाप गिर गया.. बिना किसी एक को नुकसान पहुंचाए.. नीचे गिर गया और वहां स्थिर पड़ गया.. वो फूल जो उसने खुद खिलाये थे उसके आसपास बिखर गए.. शाखाएं और पत्तियां उसके ऊपर स्थिर गिर गई, जबकि मानसून की तेज हवा और बारिश चल रही थी.. शांत .. विशाल.. और अपनी मौत में मुक्तहस्त..

उंगली भर कोंपल, लगाई थी हमने, इस बहु सुंदर गुलमोहर वृक्ष की, चालिस तीन बरसों तक साथ दिया उसने, आज अचानक हमें छोड़ दिया उसने। ऐतिहासिक वर्ष बिताए थे हमने, इसकी सुगंधित छात्र छाया में, शोक है दर्द है, फिर से उगाएंगे, हम, इक नयी कोंपल पल भर में-एबी।।'

अमिताभ बच्चन की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' पिछले महीने अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। शूजित सरकार द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ मिर्जा की भूमिका में हैं, जो लखनऊ में एक पुरानी हवेली के मालिक हैं। इस फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में है। फिल्म 'गुलाबो सिताबो' की कहानी जूही चतुर्वेदी ने लिखी है, जबकि इसे रॉनी लाहिड़ी और शील कुमार ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 'गुलाबो सिताबो' को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

अमिताभ बच्चन जल्द ही कई फिल्मों में नजर आएंगे। अमिताभ बच्चन अभिनेता इमरान हाशमी के साथ फिल्म 'चेहरे' में नजर आएंगे। इसके अलावा बिग बी निर्देशक अयान मुखर्जी की फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में भी नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, अक्किनेनी नागार्जुन, डिंपल कपाड़िया और मौनी रॉय भी हैं। अमिताभ बच्चन निर्देशक नागराज मंजुले की फिल्म 'झुंड' में भी दिखाई देंगे। इन दिनों कोरोना वायरस के कारण अमिताभ बच्चन घर पर हैं।

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