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मेरा छोटा सा मोहल्ला, स्मृति इरानी ने इंस्टाग्राम पर शेयर की कविता, हुई वायरल

👤 manish kumar | Updated on:12 Jan 2021 6:46 AM GMT

मेरा छोटा सा मोहल्ला, स्मृति इरानी ने इंस्टाग्राम पर शेयर की कविता, हुई वायरल

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कविता किसी भी कहानी को कहने का सशक्त माध्यम है। कविता के माध्यम से आप किसी स्थान और समय के बारे में अच्छे से कह सकते हैं। अच्छी कविताएं भावनाओं और यादों को भी अभिव्यक्त करती हैं। यदि आप इन चीजों में यकीन करते हैं और अच्छी कविताएं पसंद करते हैं तो फिर यह आपके लिए हैं।

केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने एक महिला की कविता पढ़ते हुए क्लिप शेयर की है, जो सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है। स्मृति इरानी ने मेरा 'छोटा सा मोहल्ला' कैप्शन के साथ वीडियो को शेयर किया है। स्मृति ने कविता को शेयर करते हुए लिखा है, 'मैं नहीं जानती कि यह कौन हैं, लेकिन इन्होंने जो वर्णन किया है, वैसी जिंदगी जीने का हम लोगों में से बहुतों को अनुभव मिला है। ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनके खाते में बड़ी पूंजी है।

बड़े बंगले हैं और तमाम कारें हैं, लेकिन मेरे लिए असली खजाना रिश्ते हैं। वे यादें जो हमें बताती हैं कि हम कौन हैं और कहां से आए हैं। मेरा भी कुछ ऐसा ही छोटा सा मोहल्ला था। पीपल के पेड़ के साथ... और आपका?' हालांकि कॉमेंट में किसी यूजर की ओर से कविता पढ़ने वाली महिला का नाम बताए जाने के स्मृति इरानी ने पोस्ट को एडिट भी किया है। उन्होंने बाद में लिखा कि वह महिला जया सरकार हैं।

'छोटा सा मोहल्ला' नाम की कविता के जरिए जया सरकार उन पुराने दिनों की याद दिलाती हैं, जब मोहल्ले में कोई भी किसी का पता बता देता था। यहां तक कि किसी राहगीर को उसके सही मुकाम तक पहुंचा कर भी आते थे। यह कविता एक तरह से तेजी से बढ़े शहरीकरण से पहले के दौर में मोहल्लों के कल्चर के बारे में बताती है। स्मृति इरानी की ओर से शेयर की गई कविता को इंस्टाग्राम यूजर्स ने भी काफी पसंद किया है। कई लोगों ने कहा है कि यह कविता उन्हें अपने पुराने दिनों की याद दिलाती है।

स्मृति इरानी की ओर से कविता शेयर किए जाने पर खुद जया सरकार ने भी उनकी पोस्ट पर कॉमेंट किया है। जया सरकार ने स्मृति इरानी को धन्यवाद देते हुए लिखा है, 'यह बेहद खुशी की बात है कि आपने इस कविता को शेयर किया है। आपने सही ही कहा है कि हम वह भाग्यशाली लोग हैं, जिन्होंने मोहल्ला कल्चर को जिया है। अपने बचपन का मोहल्ला दिल में बसा हुआ है। मैं हमेशा से आपकी प्रशंसक रही हूं। दिल से निकली बात दिल तक पहुंची, लिखना सार्थक हो गया। जय हो।'

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