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मप्रः मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में करवाया जन-समस्याओं का समाधान

👤 mukesh | Updated on:7 Dec 2021 7:52 PM GMT

मप्रः मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में करवाया जन-समस्याओं का समाधान

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- विलंब के दोषी 16 शासकीय सेवकों के विरुद्ध लिया गया एक्शन

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाधान ऑनलाइन और सीएम हेल्प लाइन के माध्यम से जनता के कल्याण से जुड़े कार्यों को तत्परता और प्राथमिकता से पूरा किया जाए। लंबित आवेदनों के निराकरण के लिए जिला स्तर पर सतत् समीक्षा भी की जाए। जनता को आवश्यक सेवाएँ देने में विलंब के दोषी लोगों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। विलंब के दोषियों पर नाराज होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी करने और हितग्राहियों को देर से राशि दिलवाने के दोषी शासकीय सेवकों के विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी।

समाधान ऑनलाइन के अंतर्गत मंगलवार को प्रकरणों का निराकरण करवाने के पश्चात मुख्यमंत्री ने निर्देश में कहा कि आगामी 10 जनवरी को समस्त कलेक्टर्स राजस्व शुद्धिकरण अभियान की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करें। आमजन से जुड़े लंबित प्रकरणों का निराकरण अभियान के रूप में करें।

मुख्यमंत्री ने प्राप्त शिकायतों को निराकरण के पूर्व बंद करने की प्रवृत्ति को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि बिना निराकरण के कोई भी शिकायत क्लोज न की जाए। समाधान ऑनलाइन में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

समाधान ऑनलाइन में आज प्रस्तुत प्रकरण

मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न जिलों में आम जनता के आवेदनों के निराकरण में हुए विलंब के जो मामले रखे गए,उनमें समाधान की कार्यवाही के साथ ही दोषियों के विरुद्ध एक्शन भी लिया गया। धार जिले के राजाराम के वर्ष 2018 में खरीदी गई चने की फसल का भुगतान दिलवाने के आवेदन पर आवेदक को 48 हजार 400 रुपये का भुगतान तत्काल कर दिया गया। प्रकरण में तीन दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों को भी बेची गई फसल का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवंटन उपलब्ध होने के बाद भी राशि के भुगतान में देरी को आपराधिक कृत्य बताते हुए किसानों को देर से राशि देने के दोषी लोगों के विरुद्ध जाँच के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव को जाँच कर विस्तृत प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए।

जबलपुर जिले के विद्यार्थी आर्यांश मिश्रा द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत ज्ञान गंगा इन्स्टीटयूट ऑफ टेक्नालॉजी एण्ड सांइस, जबलपुर में बी टेक कोर्स के शैक्षणिक सत्र 2019-20 में चयन के बाद प्रथम सेमिस्टर का परिणाम घोषित नहीं करने के कारण 5वें सेमिस्टर के परीक्षा प्रपत्र न भर पाने की समस्या का उल्लेख किया गया। समाधान ऑनलाइन में प्रकरण आने के बाद विद्यार्थी का प्रपत्र जमा करने की कार्यवाही पूरी हो गई।

इंदौर जिले की आवेदिका मंजु के आवेदन पर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई। पूर्व में इस प्रकरण में दायित्व में लापरवाही के लिए दोषी एसडीओपी और टीआई को हटाने के निर्देश दिए गए।

मजदूरी न देना पाप है

खरगोन जिले के रमेश लक्ष्मण को कपिलधारा कूप निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद भी योजना में प्राप्त होने वाली राशि का भुगतान न होने के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मनरेगा की मजदूरी के भुगतान में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर मजदूरी न देना पाप है। तकनीकी त्रुटियों के कारण नागरिकों को मिलने वाले हितलाभ प्रभावित नहीं होने चाहिए। प्रस्तुत प्रकरण के साथ ही इसी तरह भुगतान से वंचित रहे हितग्राहियों को कुल 2 लाख 6 हजार 245 रुपये का भुगतान अब कर दिया गया है।

बालाघाट जिले की ममता बिसेन को मध्यप्रदेश भवन संनिर्माण एवं कर्मकार मण्डल से विवाह प्रोत्साहन की राशि का भुगतान मिल गया है। इस प्रकरण में विलंब के दोषी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत वारासिवनी का इन्क्रीमेंट रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा केन्द्र में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही की जाए। लोक सेवा गारंटी एक्ट लागू करने की मंशा यही है कि नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएँ प्राप्त हो जाये।

यंत्री दोषी थे, योजना चलाने का जिम्मा ग्राम सचिव पर छोड़ा

अशोक नगर जिले के आवेदक मथुरालाल अग्रवाल ने ग्राम रावसर खालसा की नल-जल योजना का लाभ न मिलने की शिकायत की थी। इस प्रकरण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा योजना के संधारण का जिम्मा ग्राम सचिव के भरोसे छोड़ दिया गया था। इससे ग्राम के 12 मोहल्लों में से सिर्फ दो में जल आपूर्ति हो पा रही थी। जल स्रोत विफल होने का तथ्य सामने आने के बाद भी जिम्मेदार यंत्रियों द्वारा आवश्यक समन्वय कर निराकरण नहीं किया गया था। मुख्यमंत्री ने यंत्रियों के इस रवैये को गैरजिम्मेदाराना मानते हुए उनके निलंबन के निर्देश दिए। इस प्रकरण में यंत्रियों द्वारा स्वयं जिम्मेदारी न लेकर ग्राम सचिव को गलत तरीके से दोषी मानने और उसके विरुद्ध की गई कार्यवाही को अनुचित बताते हुए ग्राम सचिव के विरुद्ध कोई कदम न उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

नरसिंहपुर जिले के हितग्राही मोहन अहिरवार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में राशि का भुगतान न होने की शिकायत सीएम हेल्प लाइन में की गई थी। इस प्रकरण में अब हितग्राही को राशि का भुगतान कर दिया गया।

शिवपुरी जिले के तरति पाल ने भूमि का सीमांकन न किए जाने की शिकायत सीएम हेल्प लाइन में की थी। राजस्व विभाग द्वारा इस प्रकरण में सीमांकन कार्य करवाते हुए दोषी आरआई को निलंबित करने की कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री ने प्रकरण में दोषी प्रवाचक और प्रभारी तहसीलदार के विरुद्ध भी कार्यवाही के निर्देश दिए।

किसानों को राशि मिलने में न हो देरी

खण्डवा जिले की गुलाब बाई ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ न मिल पाने का आवेदन दिया था, जिस पर कार्यवाही कर राशि का भुगतान करवाया गया। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में पटवारी को सारा एप की आई डी पर किसान का भौतिक सत्यापन करने की सूचना मिली और राशि के भुगतान की कार्यवाही पूर्ण की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से प्रदेश में करीब 78 लाख किसान लाभांवित हो रहे हैं। इसमें सभी पात्र किसानों को जोड़ने का कार्य भी तत्परता से किया जाए। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना उपयोगी है। इस योजना में मिलने वाली राशि का भुगतान उनके लिए काफी मायने रखता है। योजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं आना चाहिए।

मंदसौर जिले के रमेश लाल मेघवाल द्वारा पत्नी को जननी सुरक्षा योजना का लाभ न मिलने की शिकायत की गई थी। प्रकरण में विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी को विलंब के लिए दोषी पाये जाने पर निलंबन के निर्देश दिए गए।

जिनके विरुद्ध हुई कार्रवाई

समाधान ऑनलाइन में कार्य में विलंब के लिए जिन अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन या वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई, वे इस प्रकार हैं।

जिला-धार

1- लिपिक एवं खरीदी प्रभारी - सेवा से पृथक किया गया, जेल में निरूद्ध है।

2- तत्कालीन प्रशासक - विभागीय जाँच और वेतन वृद्धि गई।

3- तत्कालीन सहायक प्रशासक - विभागीय जाँच और वेतन वृद्धि गई।

जिला जबलपुर -ज्ञान गंगा महाविद्यालय प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस

जिला इंदौर- एसडीओपी और टीआई को हटाने के निर्देश

जिला बालाघाट

1-सीओ जनपद पंचायत, वारासिवनी कर्मकार मंडल - अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं वेतन वृद्धि रोकी गई।

2-शाखा प्रभारी, कर्मकार मंडल - निलंबन

3-कम्प्यूटर आपरेटर ,कर्मकार मंडल- सेवा समाप्त

जिला अशोक नगर

1- कार्यपालन यंत्री लो.स्वा. यांत्रिकी - कारण बताओ नोटिस

2- सहायक यंत्री लो.स्वा. यांत्रिकी - निलंबन

जिला शिवपुरी

1- प्रभारी राजस्व निरीक्षक - निलंबन

2- तत्कालीन प्रवाचक - निलंबन

3- तत्कालीन तहसीलदार - अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश

जिला खण्डवा- पटवारी - विभागीय जाँच

जिला मंदसौर

1- ब्लाक मेडिकल ऑफिसर - निलंबन

2- सीएमओ - एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश

श्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागों, जिलों और अधिकारियों को बधाई

मुख्यमंत्री ने जनता के प्रकरणों का निराकरण करने वाले श्रेष्ठ कार्य वाले जिलों और विभागों को बधाई दी। इनमें छिंदवाड़ा, सिवनी, राजगढ़, छतरपुर और इंदौर जिले शामिल हैं। श्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागों में सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वाणिज्यिककर और गृह विभाग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभाग के पाँच श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को भी जन-कल्याण के कार्यों को गंभीरता से निराकृत करने के लिए बधाई दी। इनमें आनंद सिंह परिहार उप निरीक्षक गृह विभाग छतरपुर, रुपेश खंडेलवाल कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा विभाग उज्जैन, शालिग राम मिश्रा मुख्य कार्यपालन अधिकारी सामाजिक न्याय विभाग सागर, राम प्रसाद सिंह सेंगर सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्योपुर और आकाश बुदे अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण राजगढ़ शामिल हैं। (एजेंसी, हि.स.)

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