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नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश, विपक्ष का जोरदार हंगामा

👤 manish kumar | Updated on:9 Dec 2019 9:26 AM GMT

नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश, विपक्ष का जोरदार हंगामा

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नयी दिल्ली । विपक्ष के तीखे विरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पेश किया। जिसमें अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बंगलादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में शरण लेने वाले हिन्दू, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है।

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग आदि विपक्षी दलों ने इस विधेयक को धार्मिक आधार पर नागरिकता तय करके संविधान की मूल भावना को आहत करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे संविधान के अनुच्छेद पांच, दस, 14, 15, 25 एवं 26 का उल्लंघन होता है।

गृह मंत्री अमित शाह ने इसका जवाब देते हुए कहा कि इससे संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं हुआ है। इन तीन देशों में इस्लाम राज्य का धर्म है और धार्मिक उत्पीड़न गैर इस्लामिक समुदायों का ही होता आया है। इसलिए ऐसे छह समुदायों को 'तर्कसंगत वर्गीकरण' के अंतर्गत नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग वर्तमान नियमों के अनुसार ही नागरिकता का आवेदन कर सकेंगे और उन पर उसी के अनुरूप विचार भी किया जाएगा।

गृह मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और उसने विधेयक पेश करने के प्रस्ताव पर मतविभाजन की मांग की जिसे 82 के मुकाबले 293 मतों से मंजूर कर लिया गया और शाह ने विधेयक पेश किया।

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