Top
Home » देश » शाहीन बाग पर 26 फरवरी तक टली सुनवाई, वार्ताकारों ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट

शाहीन बाग पर 26 फरवरी तक टली सुनवाई, वार्ताकारों ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट

👤 Veer Arjun | Updated on:24 Feb 2020 8:47 AM GMT

शाहीन बाग पर 26 फरवरी तक टली सुनवाई, वार्ताकारों ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट

Share Post

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग पर सुनवाई 26 फरवरी तक के लिए टाल दिया है। प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटने के लिए समझाने भेजे गए वार्ताकारों संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट सौंपी। जस्टिस संजय किशन कौल और केएम जोसेफ की बेंच ने कहा कि हम रिपोर्ट देख कर आगे की सुनवाई करेंगे।

पिछले 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन को रास्ता रोक पर बैठे लोगों से बात करने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि वे लोगों को वैकल्पिक जगह पर विरोध करने के लिए समझाएं। कोर्ट ने कहा था कि हर किसी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन इसकी एक सीमा है। कोर्ट ने कहा था कि हमारी चिंता सीमित है। आज अगर एक वर्ग ऐसा कर रहा है तो कल दूसरा वर्ग दूसरे मसले पर ऐसा ही करेगा। हर व्यक्ति रोड पर आ जाएगा।

कोर्ट ने कहा था कि अगर हमारी पहल असफल होती है तो हम इसे स्थानीय प्रशासन पर छोड़ देंगे। हम उम्मीद करते हैं कि प्रदर्शनकारी बातों को समझेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सुझाव दिया था कि चाहें तो वे भी प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह का ऑफर दे सकते हैं। तब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि ये मैसेज नहीं जाना चाहिए कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के समक्ष घुटनों के बल खड़ी है। तब जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा था कि तब इस मामले के पहले ही आपको कोई कदम उठा लेना चाहिए था। तुषार मेहता ने कहा था कि शाहीन बार में महिलाओं और बच्चों को ढाल बनाया गया है। हम उनसे मिलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पूरे शहर को बंधक बना लिया गया है।

पिछले 10 फरवरी को इस मामले पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विरोध का अधिकार है लेकिन जगह ऐसी हो जहां दूसरों को परेशानी न हो। इस तरह अनिश्चित काल तक सार्वजनिक सड़क को ब्लॉक कर देना उचित नहीं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।

बीते दस फरवरी को सुनवाई के दौरान शाहीन बाग के तीन महिलाओं ने भी खुद का पक्ष को रखने की मांग की थी। इन महिलाओं की ओर से कहा गया कि उनके बच्चे को स्कूल में पाकिस्तानी कहा जाता है। तब चीफ जस्टिस एस ए बोब्डे ने कहा था कि किसी बच्चे को स्कूल में पाकिस्तानी कहा गया ये कोर्ट के समक्ष विषय नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा था कि क्या चार महीने का बच्चा प्रदर्शन करने गया था। चीफ जस्टिस ने कहा था कि हम इस समय नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) या किसी बच्चे को पाकिस्तानी कहा गया, इस बाबत सुनवाई नहीं कर रहे हैं।

 इस्लामाबाद में कोरोना का कहर जारी, 14 अप्रैल तक लॉकडाउन

इस्लामाबाद में कोरोना का कहर जारी, 14 अप्रैल तक लॉकडाउन

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कोरोना से आज पहली मौत हुई है। इस्लामाबाद सरकार ने आठ दिनों के लिए लागू लॉकडाउन को और आठ दिनों के लिए...

 कोरोना वायरस पर गुरुवार को चर्चा करेंगे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देश

कोरोना वायरस पर गुरुवार को चर्चा करेंगे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देश

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहली बार कोविड-19 महामारी पर चर्चा करने का निर्णय लिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कोविड-19 महामारी...

 शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के भगोड़ा अपराधी अब्दुल माजेद गिरफ्तार

शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के भगोड़ा अपराधी अब्दुल माजेद गिरफ्तार

ढाका । बंगबंधू शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या करने में शामिल भगोड़े अपराधी अब्दुल माजेद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।ढाका के चीफ मेट्रोपोलिटेन...

 जापान में आपातकाल और 1 ट्रिलियन डॉलर का प्रोत्साहन पैकेज घोषित

जापान में आपातकाल और 1 ट्रिलियन डॉलर का प्रोत्साहन पैकेज घोषित

टोक्यो। कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिये टोक्यो और छह अन्य प्रान्तों में जापान आपातकालीन स्थिति को लागू करने वाला है। इसके साथ ही सरकार ने 990...

 ब्लूचिस्तान में पीपीई की मांग करते हुए डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ के लोग गिरफ्तार

ब्लूचिस्तान में पीपीई की मांग करते हुए डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ के लोग गिरफ्तार

इस्लामाबाद । ब्लूचिस्तान में सोमवार को पीपीई की मांग करते हुए डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये लोग पर्सनल प्रोटेक्टिव...

Share it
Top