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सरकार बताए पीएम केयर्स फंड से प्रवासी मजदूरो को कितना पैसा दिया गया : कांग्रेस

👤 mukesh | Updated on:31 May 2020 10:12 AM GMT

सरकार बताए पीएम केयर्स फंड से प्रवासी मजदूरो को कितना पैसा दिया गया : कांग्रेस

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस और लॉकडाउन की दोहरी मार झेल रहे लोगों को राहत पहुंचाने के नाम पर राजनीति करने तथा प्रवासी श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। प्रमुख विपक्षी पार्टी ने केंद्र से पूछा है कि वो बताएं कि पीएम केयर्स फंड से कितनी राशि प्रवासी श्रमिकों को दी गई। आखिर जनता को भी तो पता होना चाहिए कि उसकी सरकार ने क्या-क्या किया है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस सरकार के पास कोरोना जैसा महामारी के निपटने की दिशा में कोई योजना नहीं है। सिर्फ एक हथियार के तौर पर लॉकडाउन का बार-बार उपयोग किया गया लेकिन यह ध्यान नहीं दिया गया कि आखिर इस दौरान जनता कैसे गुजारा करेगी। सरकार की ओर से सिर्फ घोषणाएं की जाती हैं और फिर सब कुछ अगली घोषणा तक यूं ही लोग झेलते रहते हैं। सिब्बल ने लॉकडाउन खोलने को लेकर भी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि महज चार घंटे में लॉकडाउन लागू करने वाली सरकार को अब नहीं मालूम है कि क्या करना चाहिए। तभी तो एडवाइजरी पर एजवाइजरी जारी की जी रही है।

प्रवासी मजदूरों को लेकर केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने पूरा है कि सरकार बताए कि पीएम केयर्स फंड से प्रवासी मजदूरों को कितना पैसा दिया गया। उन्होंने अनुरोध किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेरे सवाल का जवाब दें। यह बहुत अहम प्रश्न है क्योंकि इस दौरान कई लोगों की मौत हुई है। कुछ लोग चलते-चलते मर गए, कुछ ट्रेन में मर गए, कुछ की भूख से जान गई। सिब्बल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के पास प्रवासी मजदूरों का आंकड़ा तक नहीं है। आंकड़ों के नाम पर सरकार के पास बस इतना डाला है कि उसने 28 लाख लोगों की मदद की। उन्होंने बताया कि देश में करीब 12 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं।

सिब्बल ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीते 24 मार्च से पहले सरकार भाईचारे पर जो दरार ला रही थी, हिंदुस्तान ने वही भाईचारा 24 मार्च के बाद देश को दिखाया। संकट के दौर में सभी ने एक-दूसरे की मदद की। मजदूरों की सहायता की। इस तरह लोगों ने सरकार के विभेदकारी एजेंडे को आइना दिखा दिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार की असलियत है- कुछ लोगों का विकास और साम्प्रदायिकता का साथ लेकिन इस दौरान विकास ही खो गया। भले सरकार गरीबों, महिलाओं, युवाओं के विकास की बात करती रहे लेकिन सच यह है कि लोग गरीबी के दंश में जान गंवा रहे हैं जबकि अमीर ज्यादा अमीर हुए हैं।

कांग्रेस नेता ने वर्तमान की सरकार पर सत्ता का नशा सिर चढ़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंन कहा कि ऐसी-ऐसी दलीलें दी जा रही हैं जिससे सरकार का घमंड दिखता है। उन्होंने कहा कि जब आप किसी पत्रकार क वल्चर कहेंगे तो इससे आपका कल्चर भी पता चलेगा। वहीं यह कहना भी सही नहीं कि कुछ हाईकोर्ट समांतर सरकार चला रही है। सिब्बल ने प्रधानमंत्री मोदी के देश के नाम लिखे पत्र को झूठ का पुलिंदा बताया। (एजेंसी, हि.स.)

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