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चीन की 'आंखों में आंखें' डालकर अवैध कब्जा छोड़ने को कहना ही 'राजधर्म' है : सिब्बल

👤 mukesh | Updated on:4 July 2020 11:03 AM GMT

चीन की आंखों में आंखें डालकर अवैध कब्जा छोड़ने को कहना ही राजधर्म है : सिब्बल

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नई दिल्ली। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ विवाद को लेकर भारत ने हमेशा अपनी मंशा स्पष्ट की है कि वह अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेगा। इस सबके बीच कांग्रेस लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोले हुए हैं। विपक्षी पार्टी का कहना है कि चीन की 'आंखों में आंखें' डालकर सरकार कब कहेगी कि उसे भारतीय सरजमीं पर अपने अवैध कब्जे को छोड़ना होगा। यही एकमात्र 'राज धर्म' है, जिसका पालन प्रधानमंत्री को हर कीमत पर करना चाहिए।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले भी और 2014 के बाद भी वो दिन मुझे याद है, जब प्रधानमंत्री जी देश की जनता को दिलासा देते रहे। प्रधानमंत्री जी अक्सर कहते थे कि हम चीन को लाल आँख दिखाएंगे लेकिन जो दृश्य हमारे सामने हैं, वो बहुत गंभीर हैं। खासतौर पर जो स्थिति लद्दाख में है। बावजूद इसके प्रधानमंत्री जी यह कह रहे हैं कि कोई घुसपैठ नहीं हुई। आखिर स्थानीय लोग क्यों झूठ बोलेंगे।

सिब्बल ने कहा कि एक अखबार ने पेंगोंग त्सो झील क्षेत्र की उपग्रह द्वारा ली गई दो तस्वीरों को छापा है। एक 22 मई की है और दूसरी 23 जून की है। जो अपने आप में पूरी कहानी बयां करती है कि किस तरह चीनी सेना ने हमारी भूमि पर कब्जा कर रखा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से मेरा सवाल है कि चीनी सेना ने हमारी जमीन पर फिंगर-4 रिज तक पेंगोंग त्सो झील के क्षेत्र में कब्जा कर रखा है या नहीं? क्या जो ढांचे दिख रहे हैं उनका निर्माण नहीं किया गया? क्या वहां हेलीपैड या हेलीपैड टावर नहीं है? बाकी जो निर्माण वहां हो रहा है उसके बारे में भी देश की जनता को बताइए। क्या यह चीन का हमारी जमीन पर घोर हमला नहीं है, कब्जा नहीं है?

कांग्रेस नेता ने पूछा कि क्या चीनी सेना ने हमारी जमीन पर कब्जा नहीं किया, जो गलवान घाटी में है और जहां हमारे 19 जवान और एक कर्नल शहीद हुए। क्या उन्होंने हॉट स्प्रिंग्स में कब्जा नहीं कर रखा? वो बताएं कि उनकी सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने समय रहते कदम उठाया होता, तो चीनियों के अतिक्रमण को हम पहले ही रोक सकते थे।

कपिल सिब्बल ने कहा कि समय की मांग है कि भारत चीन की 'आंखों में आंखें' डालकर स्पष्ट रूप से बता दे कि चीनियों को भारतीय सरजमीं पर अपने अवैध व दुस्साहसपूर्ण कब्जे को छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी, यही एकमात्र 'राज धर्म' है, जिसका पालन आपको हर कीमत पर करना चाहिए। (एजेंसी, हि.स.)

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