Top
Home » देश » एचडीएफसी बैंक ने भी लोन की ब्याज दर 0.20 फीसदी घटाई, नई दरें लागू

एचडीएफसी बैंक ने भी लोन की ब्याज दर 0.20 फीसदी घटाई, नई दरें लागू

👤 mukesh | Updated on:7 July 2020 9:01 AM GMT

एचडीएफसी बैंक ने भी लोन की ब्याज दर 0.20 फीसदी घटाई, नई दरें लागू

Share Post

नई दिल्‍ली। निजी क्षेत्र की बैंक एचडीएफसी ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.20 फीसदी की कटौती की है। ये कटौती मंगलवार, 7 जुलाई से लागू हो गई है। इस कटौती के साथ ही एचडीएफसी बैंक के एक साल के लिए एमसीएलआर दर 7.65 फीसदी से घटाकर 7.45 फीसदी हो गया है। बता दें कि इससे पहले केनरा बैंक ने भी एमसीएलआर दरों में 0.10 फीसदी और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 0.20 फीसदी तक की कटौती थी।

एचडीएफसी बैंक ने सभी अवधि के लिए एमसीएलआर दरों में कटौती की है, जो इस प्रकार है।

टेन्योर (अवधि)-----नई एमसीएलआर रेट( फीसदी में )----पुरानी MCLR रेट(फीसदी में)

ओवरनाइट------------------------7.10----------------------------7.30

1 महीने---------------------------7.15----------------------------7.35

3 महीने---------------------------7.20----------------------------7.40

6 महीने---------------------------7.30----------------------------7.50

1 साल-----------------------------7.45----------------------------7.65

2 साल----------------------------7.55-----------------------------7.75

3 साल----------------------------7.65------------------------------7.85

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने एमसीएलआर दरों में क्रमश: 0.10 फीसदी और 0.20 फीसदी तक की कटौती है। दोनों बैकों ने ये कटौती सभी अवधि के लोन के लिए की है। नई दरें आज से लागू हो गई है। इस कटौती के साथ ही इन बैंकों से जुड़े होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई अब कम हो जाएगी।

क्‍या है एमसीएलआर दर

उल्‍लेखनीय है कि बैंक 2016 से एमसीएलआर के आधार पर लोन दे रहे हैं। जब आप किसी भी बैंक से लोन लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है। अब इसी आधार दर की जगह बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअसल इसकी गणना बैंक के संचालन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है, जिसके बाद में इस गणना के आधार पर लोन दिया जाता है। ये आधार दर से सस्ता होता है। (एजेंसी, हि.स.)

Share it
Top