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मन के बात : प्रधानमंत्री ने किया त्योहारों में वोकल फॉर लोकल का आह्वान

👤 Veer Arjun | Updated on:25 Oct 2020 10:27 AM GMT

मन के बात : प्रधानमंत्री ने किया त्योहारों में वोकल फॉर लोकल का आह्वान

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नई दिल्ली । रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17वें मन की बात कार्यक्रम में ज्ञान के प्रसार में जुटे नए सराहनीय कोशिशों, कृषि क्षेत्र में आईटी के जुड़ते नए आयाम से रौशन होती जिंदगी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर उन्होंने सभी देशवासियों को विजयादशमी यानि दशहरे पर्व पर सभी लोगों को शुभकामनाएं दी। कोरोना काल के मद्देनजर उन्होंने लोगों को सवाधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सभी बहुत संयम के साथ जी रहे हैं, मयार्दा में रहकर पर्व, त्योहार मना रहे हैं, इसलिए जो लड़ाई देशवासी लड़ रहे हैं उसमें जीत भी सुनिश्चित है।

वोकल फार लोकल

पीएम मोदी ने त्योहारों में खरीदारी के लिए लोग वोकल फॉर लोकल का संकल्प लें। बाजार में सामान खरीदते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि लॉकडाउन के समय जिन लोगों ने भी सहयोग किया उनको त्योहारों में याद किया जाना चाहिए। सफाई कर्मचारी, घरों में काम करने वाले, सब्जी वाले, दूध वाले, सुरक्षा कर्मी जिन लोगों ने लॉकडाउन के कठिन समय में साथ दिया उन्हें त्योहारों में शामिल करने से खुशियां दोगुनी हो जाती है।

सैनिकों की याद में जलाएं दीया

इस मौके पर उन जाबाज सैनिकों को भी याद रखना है जो त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं, उनके सम्मान में लोगों को एक दीया जलाना है। खादी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैक्सिको में ओहाका गांव में खादी बुनने का काम हो रहा है, यहां की खादी ओहाका खादी के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है। यहां खादी पहुंचाने वाले मार्क ब्राउन महात्मा गांधी के जीवन से प्रभावित थे। उन्होंने ट्रेनिंग ली और खादी का काम शुरू कर दिया। खादी में आपार संभावनाएं हैं। इस बार गांधी जयंती पर ही दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक करोड़ रुपये से अधिक का काम हुआ है।

अपनी चीजों पर करें गर्व

उन्होंने कहा कि हमें अपनी चीजों पर गर्व होना चाहिए, तभी दुनिया में उनके प्रति जिज्ञासा बढ़ती है, जैसे हमारे आध्यात्म ने, योग ने, आयुर्वेद ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया है। हमारे कई खेल जैसे मलखंब दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। चिन्मय पाटणकर और प्रज्ञा पाटणकर अमेरिका में मलखंब सिखा रहे हैं।

सेंस ऑफ ह्युमर जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती हैं। इस दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। लौह पुरुष में तमाम गुणों के साथ सेंस ऑफ ह्युमर भी गजब का था। इसमें हमारे लिए भी एक सीख है, परिस्थितियां कितनी भी विषम क्यों ने हो, अपने सेंस ऑफ ह्युमर को जिंदा रखिए, यह हमें सहज तो रखेगा ही हम अपनी समस्या का समाधान भी निकाल पाएंगे, सरदार साहब ने यही किया था। सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकजुटता के लिए समर्पित कर दिया।

इंदिरा गांधी को किया याद

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद किया वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के जयंती है इसी के साथ इंदिरा गांधी जी की भी पुण्यतिथि है, देश उन्हें भी याद करेगा। पीएम मोदी ने 31 वालमिकी जयंती के मौके पर भी लोगों को बधाई दी और उन्हें याद किया।

तुतुकुड़ी के पोन मरियप्पन से की तमिल में बात

पीएम मोदी ने तमिलनाडु के पोन मरियप्पन से तमिल में बात की। पोन मरियप्पन बाल काटने के व्यवसाय से जुड़े हैं। वे एक सैलून चलाते हैं, जिसके एक हिस्से में पुस्तकालय बनाया है। सैलून में आने जो वाले जो लोग किताबे पढ़ते हैं उन्हें वे डिस्काउंट भी देते हैं। पोन मरियप्पन ने बातचीत के दौरान बताया कि वे आठवीं पास है, घर की माली स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे पढ़ाई नहीं कर सकें इसलिए वे हमेशा से पढ़ाई को महत्व देते रहे हैं। इसी प्रेरणा से सैलून में एक पुस्तकालय भी बनाया। इसी तरह ज्ञान के प्रसार से अपार खु लेने वाले मध्य प्रदेश के सिंगरौली की शिक्षिका, उषा दुबे जी का भी जिक्र किया जिन्होंने स्कूटी को ही मोबाइल लाइब्रेरी में बदल दिया। वे प्रतिदिन अपने चलते-फिरते पुस्तकालय के साथ किसी न किसी गाँव में पहुँच जाती हैं और वहाँ बच्चों को पढ़ाती हैं। बच्चे उन्हें प्यार से किताबों वाली दीदी कह कर बुलाते हैं। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के निरजुली के राओ गांव में एक स्वयं सहायता पुस्तकालय बनाई गई है। मीना गुरुंग और दिवांग होसाई ने इस पुस्तकालय को स्थापित किया और निशुल्क लोगों को किताबें पढ़ने को दी। वहीं, चंडीगढ़ के संदीप कुमार ने एक वैन में मोबाइल लाइब्रेरी बनाई है, इसके माध्यम से गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए मुफ्त में किताबें दी जाती हैं। इसके साथ ही गुजरात के भावनगर की भी दो संस्थाओं का जिक्र किया। विकास वर्तुल ट्रस्ट' प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत मददगार है।

कश्मीर 90 प्रतिशत पेंसिल स्लेट लकड़ी की मांग की करता है पूर्ति

पीएम मोदी ने पुलवामा का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर घाटी, पूरे देश की, करीब-करीब 90% पेंसिल स्लेट लकड़ी की पट्टी की मांग को पूरा करती है, और उसमें बहुत बड़ी हिस्सेदारी पुलवामा की है। एक समय में, हम लोग विदेशों से पेंसिल के लिए लकड़ी मंगवाते थे, लेकिन अब हमारा पुलवामा, इस क्षेत्र से, देश को आत्मनिर्भर बना रहा है। पुलवामा के मंजूर अहमद अलाई ने इस काम को बखूबी कर पहचान बनाई। पहले मंजूर भाई लकड़ी काटने वाले एक सामान्य मजदूर थे। मंजूर भाई कुछ नया करना चाहते थे ताकि उनकी आने वाली पीढ़ियाँ ग़रीबी में ना जिए।

कृषि से जुड़ रहे हैं युवा

पीएम मोदी ने कहा कि कृषि में अपार संभावनाएं देख बड़ी संख्या युवा जुड़ रहे हैं, जो न केवल नए तकनीक का सहारा ले रहे हैं बल्कि इसके माध्यम से अपने कृषि उत्पाद को बेच भी रहे हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि झारखण्ड के स्वयं सहायता समूह आजीविका फार्म फ्रेश ने लॉकडाउन के दौरान 50 लाख रुपये से भी ज्यादा के फल-सब्जियाँ लोगों तक पहुँचाई हैं। इसी तरह मध्यप्रदेश के बड़वानी में अतुल पाटीदार अपने क्षेत्र के 4 हजार किसानों को डिजीटल रूप से जोड़ा है। ये किसान अतुल पाटीदार के ई- प्लैटफार्म कार्ड के जरिए, खेती के सामान, जैसे, खाद, बीज, कीटनाशक आदि की होम डिलीवरी पा रहे हैं, यानी किसानों को घर तक, उनकी जरुरत की चीज़ें मिल रही हैं। कृषि-क़ानून से जमीनी स्तर पर, किस तरह के बदलाव किसानों के पक्ष में आने की संभावनायें भरी पड़ी हैं।

दो गज की दूरी है बहुत जरुरी

त्योहारों के मद्देनजर उन्होंने लोगों से कोरोना से बचने की भी अपील करते हुए कहा कि लोग मास्क जरुर लगाएं। बार-बार साबुन से हाथ धोए, दो गज की दूरी बनाए रखें। कोरोना को हराने के लिए इन सभी बातों पर ध्यान देना जरुरी है तभी कोरोना के खिलाफ यह लड़ाई जीत सकते हैं।

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