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जयपुर समेत पूरे राजस्थान में सरकार के फैसले के खिलाफ सरपंच हुए लामबंद

👤 manish kumar | Updated on:13 Jan 2021 12:42 PM GMT

जयपुर समेत पूरे राजस्थान में सरकार के फैसले के खिलाफ सरपंच हुए लामबंद

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जयपुर । राज्य वित्त आयोग की ओर से अबतक पंचायतों के खातों में ट्रांसफर होती आई राशि वित्त विभाग के पीडी खाते में डालने के फैसले से राजस्थान में 11 हजार से अधिक सरपंच लामबंद हो गए हैं। इसके विरोध में बुधवार को राजधानी जयपुर समेत सभी 33 जिला मुख्यालयों पर कलक्टर को ज्ञापन देकर सरपंचों ने अपना विरोध दर्ज करवाया। सरपंचों ने चेतावनी दी है कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो 21 जनवरी को सभी 11 हजार 344 पंचायतों पर तालाबंदी की जाएगी।

इस फैसले के विरोध में बुधवार को राजस्थान में सरपंचों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। सभी जिला मुख्यालयों पर सरपंचों ने पीडी खातों का विरोध किया। जयपुर में पंचायती राज विभाग की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरपंचों ने नारेबाजी की। इस दौरान सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। मांग की गई कि राजस्थान में पहले की तरह पंचायतों के खाते में ही पैसा आना चाहिए। पीडी खाते से पैसा लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और सरपंचों के अधिकार भी खत्म हो जाएंगे।

हाल ही में राज्य सरकार ने सरपंचों से वित्तीय अधिकार छीन लिए। सरपंचों से पंचायतों के विकास कार्यों के लिए पैसा खर्च करने का अधिकार ले लिया गया। पंचायतों के पैसों का हिसाब किताब वित्त विभाग को दे दिया गया। वित्त विभाग सभी पंचायतों के लिए पीडी अकाउंट खोल रहा है। सरपंच को इन्ही अकाउंट से पैसा विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा। प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में विकास कार्यों के लिए सरकार स्टेट फाईनेंस कमीशन से सीधा पंचायतों के खातों में पैसा ट्रांसफर करती थी। यह राशि साल में दो किश्तों के रूप में पंचायतों के खातों में दी जाती थी। मध्यम पंचायतों में 10-10 लाख और बड़ी पंचायतों के लिए 15-15 लाख की दो किश्तों में पैसा दिया जाता था। पंचायत में विकास कार्यों के लिए सरपंच पंचायत के बैंक अकाउंट से पैसा खर्च करते थे, लेकिन अब ये व्यवस्था बंद कर दी गई। पहले सरपंचों को खातों के ब्याज की राशि मिल जाती थी, लेकिन अब नहीं मिलेगी।

नई व्यवस्था के अनुसार अब पंचायतों का पैसों पर कोई कंट्रोल नहीं होगा। सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी अकाउंट खोले है, जो वित्त विभाग के कंट्रोल में होगा। सरपंचों को पंचायत के विकास कार्यों के लिए वित्त विभाग से पैसा लेना होगा। पंचायतों के विकास के लिए राज्य सरकार की तरह केंद्र सरकार भी फोर्टीन फाईनेंस कमीशन का पैसा पंचायतों के खातों में डालती थी, लेकिन अब ये राशि भी सीधा पीडी अकाउंट में डाली जाएगी। वित्त विभाग ने अब तक 8 हजार पंचायतों के पीडी खाते खोल दिए हैं।

सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल का कहना है कि इस नई व्यवस्था से चाय के पैसों का चुकारा करने के लिए भी सरपंचों को वित्त विभाग की मेहरबानी का इंतजार करना पड़ेगा, जो उचित नहीं हैं।

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