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उप्र में 10वीं तक के सभी स्कूल बंद, नाइट कर्फ्यू अब रात 10 से सुबह छह बजे तक

👤 mukesh | Updated on:4 Jan 2022 8:09 PM GMT

उप्र में 10वीं तक के सभी स्कूल बंद, नाइट कर्फ्यू अब रात 10 से सुबह छह बजे तक

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए योगी सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू को अब रात 10 से सुबह छह बजे तक कर दिया है। साथ ही 10वीं तक के सभी स्कूलों को मकर संक्रांति यानि 14 जनवरी तक बंद कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार रात टीम-9 के अधिकारियों के साथ बैठक कर फैसला लिया कि रात्रिकालीन कर्फ्यू को छह जनवरी से रात 10 से सुबह छह तक लागू किया जाए। 10वीं तक के सभी स्कूलों को मकर संक्रांति तक बंद रखने का निर्णय लिया गया। जिन जिलों में कोरोना के 1000 मामले होंगे वहां वहां जिम, स्पा, सिनेमाहॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि सार्वजनिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किया जाएंगे।

इसके अलावा शादी अथवा अन्य आयोजनों में बंद स्थानों में एक समय में 100 से अधिक लोगों की सहभागिता नहीं हो सकेगी। खुले स्थान पर मैदान की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक लोगों के उपस्थिति की अनुमति ही प्रदान की जायेगी।

ये रहे मुख्यमंत्री के निर्देश

★ राज्य सरकार हर एक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। कोविड की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए राज्य स्तर पर गठित स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाहकार पैनल से परामर्श के आधार पर व्यापक जनहित में सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों में अनावश्यक पैनिक न हों, उन्हें सही, सटीक और समुचित जानकारी दी जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैरिएंट पूर्व के वैरिएंट्स की तुलना में बहुत कम नुकसानदेह है। वैक्सीन कवर ले चुके स्वस्थ-सामान्य व्यक्ति के लिए यह बड़ा खतरा नहीं है।

★ कक्षा 10 वीं तक के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में मकर संक्रांति तक अवकाश घोषित किया जाए। इस अवधि में उनका टीकाकरण जारी रहेगा। यद्यपि कि वर्तमान में प्रदेश के किसी जनपद में एक्टिव कोविड केस की संख्या 1000 से अधिक नहीं है। किंतु व्यापक जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जिन जनपदों में एक्टिव केस की न्यूनतम संख्या 1000 से अधिक हो जाए, वहां जिम, स्पा, सिनेमाहॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि सार्वजनिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किया जाए। शादी समारोह व अन्य आयोजनों में बंद स्थानों में एक समय में 100 से अधिक लोगों की सहभागिता न हो। खुले स्थान पर ग्राउंड की कुल क्षमता के 50 फीसदी से अधिक लोगों के उपस्थिति की अनुमति न दी जाए। मास्क-सैनीटाइजर की अनिवार्यता रहे। रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 10 से प्रातः 06 बजे तक लागू की जाए। यह व्यवस्था 06 जनवरी, गुरुवार से प्रभावी कर दी जाए।

★ प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी, ट्रस्ट आदि संस्थाओं, कंपनियों, ऐतिहासिक स्मारक, कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, होटल-रेस्त्रां, औद्योगिक इकाइयों में तत्काल प्रभाव से कोविड हेल्प डेस्क क्रियाशील करा दिया जाए। जरूरत के अनुसार डे केयर सेंटर भी स्थापित हों। बिना स्क्रीनिंगध्सैनिटाइजेशन के किसी को परिसर में प्रवेश न दें।

★ कोविड वैरिएंट की पहचान के लिए कराई गई जीनोम सिक्वेसिंग में 23 लोगों में ओमिक्रोन वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इन सभी के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग और टेस्टिंग कराई जाए। सभी के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए।

★ 20 करोड़ 50 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 36 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 07 करोड़ 53 लाख से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 97 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में लगभग 88 फीसदी को पहली और 51 फीसदी को दोनों डोज मिल चुकी है। 03 जनवरी से प्रारंभ हुए 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण में अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

★ निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें। घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिन्हित किया जाए। उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

★ टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए हर दिन न्यूनतम तीन से चार लाख टेस्ट किए जाएं। निजी प्रयोगशालाओं को कोविड टेस्टिंग के लिए अधिकृत करने से पूर्व उनके पिछले रिकॉर्ड देखे जाएं। क्वालिटी टेस्टिंग अनिवार्य है। हर जिले के नोडल अधिकारी अपने संबंधित जिलों से संवाद करें। हर स्थिति पर सीधी नजर रखी जाए।

★ प्रदेश के सभी जनपदों में स्थापित किए गए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को 24×7 एक्टिव रखा जाए। पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। आइसीसीसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे। लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा दी जाए। आईसीसीसी हेल्पनंबर सार्वजनिक कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। लोग किसी जरूरत पर तत्काल वहां संपर्क कर सकते हैं। एम्बुलेंस 24×7 एक्टिव मोड में रहें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का बेहतर उपयोग किया जाए। सीएम हेल्पलाइन से लोगों से संवाद किया जाए।

★ आस्था के प्रतीक 'प्रयागराज माघ मेला' में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 48 घंटे पूर्व की कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता लागू की जाए। कल्पवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।

प्रदेश में 992 नए कोरोना संक्रमितों की हुई पुष्टि

उप्र में बीते 24 घंटों में एक लाख 66 हजार 33 नमूनों की जांच में कुल 992 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। इसी अवधि में 77 लोग उपचार के बाद स्वस्थ्य हुए हैं। प्रदेश में कुल एक्टिव कोरोना केस की संख्या 3173 है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने सतर्कता व सावधानी को बेहद जरूरी बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि लोगों को मास्क पहनने, टीका लगवाने व शरीरीकि दूरी का पालन करने के लिए जागरूक किया जाये। मुख्यमंत्री ने 10वीं कक्षा तक के सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में मकर संक्रांति तक अवकाश घोषित करने का निर्देश दिया है। इस अवधि में उनका टीकाकरण जारी रहेगा। (एजेंसी, हि.स.)

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