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विकसित व स्वावलंबी होना चाहिए राष्ट्र

👤 veer arjun desk 5 | Updated on:12 April 2019 3:12 PM GMT
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डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

देश की दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के घोषणा पत्र अब सामने है। इनका नेतृत्व व नीति के आधार पर विश्लेषण किया जा सकता है। भाजपा ने संकल्प पत्र जारी करने से पहले अपने पांच वर्षों का कार्यवृत्त भी बताया है। जबकि राहुल गांधी ने अपने प्रभाव वाली मनमोहन सिंह सरकार की बानगी नहीं दी है। क्योंकि वह ऐसा करते तो गड़बड़ियां ही ज्यादा चर्चा में आ जाती। कांग्रेस ने पांच करोड़ परिवारों को बहत्तर हजार रुपया प्रतिवर्ष देने का ऐलान किया है। इस प्रकार के दावे प्राय वही दल करते है, जिन्हें सत्ता में पहुंचने की उम्मीद नहीं होती। भाजपा ने संभल कर वादे किए है। यह वापसी के प्रति उसके आत्मविश्वास को प्रदर्शित करता है। कांग्रेस व्यवस्था में बदलने के प्रति गंभीर नहीं है। गरीबों को स्वावलंबी बनाने की मंशा भी दिखाई नहीं दी। साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए प्रतिवर्ष बाटने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं रोकनी होंगी, टैक्स बढ़ाना होगा, महंगाई बढ़ेगी। क्योकि यह रकम कांग्रेस अपने खजाने से नहीं देगी। इसका बोझ परोक्ष अपरोक्ष करदाताओं पर ही पड़ेगा। जबकि भाजपा ने व्यवस्था बदलने के अपने कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। भाजपा को अपने नेतृत्व पर भी अधिक विश्वास है। कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी है। उनके घोषणा पत्र में अनेक वादे है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपनी न्याय योजना के आधार पर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है। इसी के साथ वोट बैंक की सियासत का पहलू भी रखा गया है। कांग्रेस का कहना है कि वह संविधान के अनुच्छेद तीन सौ सत्तर को हटाने नहीं देगी। गौरतलब है कि इसी के कुछ समय बाद पाकिस्तान ने भी बयान दागा है। उसका कहना है कि उसे भारतीय संविधान से अनुच्छेद तीन सौ सत्तर को हटाना मंजूर नहीं है। अनुमान लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान को भारतीय संप्रभुता के विरुद्ध बयान देने की प्रेरणा कहां से मिली होगी। फारुक अब्दुल्ला उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती के बयान भी ऐसे ही है। इनमें केवल शब्दों का फेर है। राहुल गांधी के नेतृत्व को भी देश बाखूबी जानता है। स्वयं नेशनल हेराल्ड घोटाले के आरोप में पेरोल पर है, लेकिन चौकीदार की चोर बताने का नारा लगवा रहे है। वादों की विश्वसनीयता पर भी संदेह है। कांग्रेस जिस न्याय की दम पर चुनावी समर में जा रही है, उसके लिए प्रतिवर्ष साढ़े तीन लाख करोड़ रुपया किस प्रकार आएगा, इस पर कोई ठोस बात नहीं कही गई। राहुल कहते है कि जब नरेंद्र मोदी कुछ उद्योगपतियों की जेब में पैसा डाल सकते है तो क्या हम गरीबों को बांट नहीं सकते। राहुल को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी सरकार में फोन से ही कुछ उद्योगपतियों की जेब में लाखों करोड़ रुपए बांटे गए थे। वित्तमंत्री अरुण जेटली का कहना है कि मनमोहन सरकार द्वारा बाटे गए रुपए का बोझ वर्तमान सरकार पर है। कुछ भी हो कांग्रेस का घोषणपत्र यथास्थितिवादी है। इसमें रुपए बांटने का वादा कर सत्ता में पहुंचने का मंसूबा है। गरीबों, किसानों को स्वावलंबी बनाने का विचार नदारत है।

इसके विपरीत भाजपा के सनकल्प पत्र में देश को विकसित बनाने का मंसूबा है। गरीबों, किसानों, वंचितों को स्वावलंबी बनाने की योजना है। संकल्प पत्र जारी करने से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पांच वर्ष की उपलब्धियां बताई। इसी के आधार पर पार्टी मतदाताओं को भविष्य के प्रति विश्वास दिलाना चाहती है।

अमित शाह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में मजबूत, निर्णायक, पारदर्शी एवं संवेदनशील सरकार चलाई गई है। इस अवधि में पचास से अधिक अभूतपूर्व योजनाएं लागू की गई। सरकार गरीबों के प्रति समर्पित रही है। सबका साथ सबका विकास उसका उद्देश्य रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में जनता ने आशीर्वाद दिया। इस चुनाव में भी आमजन के समर्थन भाजपा को मिलेगा। जनादेश से पुन नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे। दो हजार बाइस में देश स्वतंत्रता के पचहत्तर वर्ष पूरे करेगा। पचहत्तर संकल्प इसी संदर्भ में है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि आठ करोड़ लोग ऐसे निकाले जो फर्जी थे और आर्थिक लाभ उठा रहे थे। एक करोड़ पन्द्रह लाख करोड़ रकम चोरी होती थी। नरेंद मोदी ने आधार को सही ढंग से लागू करके इसे रोक दिया। नियम डीबीटी कारण एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बच गई। इस प्रकार नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के चैकीदार होने से देश को होने वाले लाभ बताए। लाखों करोड़ रुपए की चोरी केवल इस भावना से रुक गई।

यूपीए सरकार के अंतिम चरण में उनके वित्तमंत्री ने कहा था कि हमें गर्व है कि हम दुनिया की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था में हैं, जबकि वर्तमान सरकार के पांच वर्ष में भारत विश्व की छठी शीर्ष अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। आयुष्मान से गरीबों को पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। करोड़ो गरीबो को गैस सिलेंडर दिए गए। गरीबो को घर बना कर दिए जा रहे है। बिजली व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार व कार्य हुए। मुद्रा बैंक, कौशल विकास भी गरीबों के लिए है। तीस करोड़ से अधिक गरीबों के जनधन खाते खोलने का रिकार्ड बन गया। पांच वर्षों में किसानों के कल्याण की अनेक योजनाएं शुरू की गई, जिससे दो हजार बाइस तक उनकी आय को दो गुनी हो सकेगी। अब तक देश के एक करोड़ एक लाख किसानों के बैंक खातों में पहली किश्त ट्रांसफर हो चुकी है। इन किसानों को दो हजार इक्कीस करोड़ रुपए अभी ट्रांसफर किए गए हैं। करोड़ों पशुपालकों, दूध के व्यवसाय से जुड़े किसान परिवारों और मत्स्य पालन और उसके व्यवसाय से जुड़े लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ही करीब एक लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है। जिससे तीन चार दशक से लंबित सभी परियोजनाएं पूरी होंगी। देश की निन्यानवे ऐसी परियोजनाएं चुनी थीं, इनमें से सत्तर से ज्यादा पूरी होने की स्थिति में आ गई हैं। ये वो काम है जो किसानों की आने वाले कई पीढ़ियों को लाभ देने वाला है। आयुष्मान योजना भी अभूतपूर्व रही। सामाजिक क्षेत्र में यह अपने ढंग की सबसे बड़ी योजना है। विश्व में इसकी बराबरी की दूसरी कोई योजना नहीं है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण व्यक्त किया है। यह राष्ट्र को सर्वोच्च मानने की अवधारणा है। पार्टी का स्थान इसके बाद ही है। किसान क्रेडिट कार्ड से जो एक लाख रुपए तक का ब्याज मिलता है, उसे ब्याज मुक्त किया जाएगा। कर्ज को पांच वर्ष में लौटाया जा सकता है। किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपए का लाभ मिलेगा। आतंकवाद के समाप्त होने तक इसके प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। इसी ाढम में अवैध घुसपैठ को सख्ती से रोका जाएगा। इसके लिए नागरिकता रजिस्ट्रेशन का कार्य रोका नहीं जाएगा। नागरिकता संशोधन विधेयक को संसद से पारित कराया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद तीन सौ सत्तर व पैंतीस ए के प्रति भाजपा का पुराना रुख कायम है।

पैंतीस ए पर न्यायपालिका में सरकार अपना विचार व्यक्त भी कर चुकी है। विदेशों में भारत की साख बढ़ी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी स्थान के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। समान नागरिकता लागू करने और राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। किसी राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान पर आंच नहीं आने दी जाएगी। सभी छोटे और सीमांत किसानों व छोटे व्यापारियों को साठ वर्ष के बाद पेंशन की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक परिवार के लिए पक्के मकान और अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जायेगें। कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए पच्चीस लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा, देश के सभी किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ।

पचास शहरों में एक मजबूत मेट्रो भारतमाला के तहत सड़को का जाल बिछाया जाएगा। एक लाख से अधिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक लैब सुवाधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। सभी जमीनी रिकॉर्ड को डिजिटल किया जाएगा। पचहत्तर मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय खोले जायेंगे। तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया जाएगा। जाहिर है कि भाजपा ने अव्यवहारिक वादे नहीं किए है। उनकी किसी योजना के बारे में यह सवाल नहीं उठ सकता को इसके लिए धन कहां से आएगा। कांग्रेस को भी राहुल गांधी के प्रभाव में चली यूपीए सरकार के दस वर्षों की गति बतानी चाहिए थी। सड़क, रेल लाइन, गरीबों के बैंक खाते, आधार, अधूरी पड़ी लाखों करोड़ रुपए की योजनाओं पर कार्य करने का रिकार्ड मोदी सरकार ने बनाया है। पचास करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास किया गया। सात करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन, ढाई करोड़ लोगों को घर बनाकर दिए गए। इन्हीं आधार पर भाजपा ने पुन जनादेश मिलने का विश्वास दिखाया है।

(लेखक विद्यांत हिन्दू पीजी कॉलेज में राजनीति के एसोसिएट प्रोफेसर हैं।)

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