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भारत से निकाले गए राजनियकों के फैसले से बौखलाया पाकिस्तान

👤 manish kumar | Updated on:1 Jun 2020 7:48 AM GMT

भारत से निकाले गए राजनियकों के फैसले से बौखलाया पाकिस्तान

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नई दिल्ली । पाकिस्तान ने नई दिल्ली स्थित उसके उच्चायोग में कार्यरत दो अधिकारियों को भारतीय एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार करने. उन्हें आवांछित व्यक्ति घोषित करने और देश से निष्काशित करने के फैसले की निंदा की है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे भारत में चलाए जा रहे पाकिस्तान विरोधी प्रोपेगेंडे का हिस्सा बताया है.

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने उच्चायोग के दो सदस्यों को झूठे और निराधार आरोपों में गिरफ्तार कर लिया. बाद में उच्चायोग के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. प्रवक्ता ने अपने अधिकारियों की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें यातना दी गई, धमकाया गया और झूठे आरोपों को स्वीकार करने पर मजबूर किया गया.

उल्लेखनीय है कि भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में राजनयिक के रूप में नियुक्त खुफ़िया एजेंसी आईएसआई के दो जासूसों को गिरफ्तार किया है. उन्हें अवांछित व्यक्ति 'परसोना-नॉन ग्राटा' घोषित कर 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है.

विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारियों को जांच एजेंसियों जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. अधिकारियों के नाम आबिद हुसैन और मोहम्मद ताहिर है.

यह जासूस पाकिस्तानी उच्चायोग में वीज़ा सहायक के रूप में नियुक्त थे. पुलिस ने इन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. यह जासूस एक भारतीय नागरिक से भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित दस्तावेज़ हासिल कर रहे थे. इसके एवज़ में यह उसे धनराशि और आईफोन दे रहे थे.

प्रवक्ता ने कहा कि भारत का यह कृत्य राजनयिक संबंधी वियना संधि का खुलमखुला उल्लंघन है. यह पूरी तरह से कुटनीतिक आचरण के खिलाफ है. प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि द्विपक्षीय संबंधों में पहले से कटुता है तथा भारतीय मीडिया में पाकिस्तानी विरोधी दुष्प्रचार किया जा रहा है.

प्रवक्ता ने कहा कि नई दिल्ली पाकिस्तानी राजनयिक कुटनीतिक मर्यादा के अंतर्गत ही काम करते हैं. पाकिस्तान ने मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए इस तरह की हरकत कर रहा है.

अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को इस पर गौर करना चाहिए तथा दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए अपनी भूमिका का निर्वाह करना चाहिए.

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