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सीमा पर तस्करों को मारना बांग्लादेश को नागवार गुजर रहा है

👤 manish kumar | Updated on:8 July 2020 6:34 AM GMT

सीमा पर तस्करों को मारना बांग्लादेश को नागवार गुजर रहा है

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नई दिल्ली। बांग्लादेश की सरकार ने इस बात पर नाराज़गी जताई है कि आखिर भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान उनके लोगों को गोली क्यों मार रहे हैं। बांग्लादेश चाहता है कि बॉर्डर पर दोनों देशों के सुरक्षा बलों को घातक हथियार ना दिए जाएं। ढाका की तरफ से यह आवाज़ हाल ही में बीएसएफ़ द्वारा एक तस्कर को मार दिए जाने के बाद उठी है। 3 जुलाई को बीएसएफ़ ने धान्यखोला सीमा पर रियाजुल नामक एक बांग्लादेशी को मार गिराया था। बीएसएफ़ ने उस पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाया और वह पहले भी कई बार भारतीय सीमा में घुसा था।

बांग्लादेश की पुलिस का कहना है कि रियाजुल चिड़िया पकड़ रहा था तभी उसे बीएसएफ़ वाले उठा ले गए और उससे पूछताछ के बाद गोली मार दी गई। हालांकि बाग्लादेश के बार्डर गार्ड ने इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा है लेकिन ढाका से इस घटना को लेकर नाराज़गी जाहिर कर दी गई है।

ढ़ाका ट्रिब्यून को दी गई अपनी प्रतिक्रिया में बांग्लादेश के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल एम शखावत हुसैन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सीमाओं पर आमने सामने तैनात किसी भी सुरक्षाकर्मी को घातक हथियार नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले में भारत और चीन का उदाहरण दिया, जहां गलवान घाटी में दोनों देशों के सैन्यकर्मियों के बीच हाथापाई हुई थी, पर कोई भी फायरआर्म इस्तेमाल नहीं हुआ था।

बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि पशु तस्करी काफी कम होने के बावजूद बीएसएफ़ द्वारा सीमा पर गोली चलाने की घटना बढ़ी है। पिछले दस साल में बीएसएफ़ ने 294 बांग्लादेशी तस्करों को मार गिराया है। इनमें से 90 प्रतिशत पशु तस्कर थे, जो भारत से अवैध तरीके से गाय और भैंस बांग्लादेश ले जाते थे। बांग्लादेश की सरकार ने 2019 में भारत से पशु आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। फिर भी कुछ लोग तस्करी कर ही रहे हैं।

केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद भारत ने भी बीफ एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके पहले भारत ही था जहां से सबसे अधिक पशुओं का आयात बांग्लादेश करता थ। 2013 में ईद उल जुहा के समय भारत से 23 लाख पशुओं का आयात बांग्लादेश ने किया था, जबकि पिछले साल के ईद उल जुहा के समय भारत से पशुओं का निर्यात केवल 92 हजार था। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार तब भी बीएसएफ़ ने 2019 में बांग्लादेश के 43 तस्करों को मौत की नींद सुला दी थी। अब दोनों देशों के अधिकारियों ने चौकसी बरतने और संयम रखने की सहमति जताई है । एजेंसी

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