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26/11 मुंबई हमला: दरिंदों के लिए दरियादिली दिखा रहा पाक

👤 manish kumar | Updated on:26 Nov 2020 11:39 AM GMT

26/11 मुंबई हमला: दरिंदों के लिए दरियादिली दिखा रहा पाक

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नई दिल्‍ली। 12 साल पहले मुंबई पर एक हमला हुआ था जिसे शायद ही कोई भुला सकता है। 26 नवंबर 2008 को लश्कर के 10 आतंकवादियों ने मायानगरी में क्रूर हमले को अंजाम दिया था, जिसमें करीब करीब 170 लोग मारे गए थे। आज उसी मुंबई अटैक की 12वीं बरसी है और पाकिस्तान में हाफिज सईद कसाब समेत मारे गए दसों आतंकियों के लिए प्रार्थना सभा करवा रहा है। पाक स्थित लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक मोर्चा जमात-उद-दावा, जिसका मुखिया आतंकी हाफिज सईद है, ने गुरुवार को पाकिस्तान स्थित पंजाब के साहिवाल शहर में एक प्रार्थना सभा कार्यक्रम की योजना बनाई है। इस कार्यक्रम में हाफिज सईद की पार्टी मुंबई आतंकी हमले के गुनहगारों यानी 10 आतंकियों के लिए प्रार्थना सभा आयोजित करवाएगी।

इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से परिचित सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक मोर्चा जमात-उद-दावा की मस्जिदों में आतंकवादियों के लिए विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी। बता दें कि मुंबई आतंकी हमले के बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने लश्कर के 9 हथियारबंद आतकंवादियों को मार गिराया था, जबकि एक, अजमल कसाब को 21 नवंबर 2012 को कानून की उचित प्रक्रिया के बाद फांसी पर लटका दिया गया था। इधर, पाकिस्तान ने आग में तेल डालने का काम करत हुए जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए एक राजनीतिक मंच जेके यूनाइटेड यूथ मूवमेंट (JKYM) भी ​​शुरू किया है।

खुफिया सूचनाओं के अनुसार, लश्कर के जिहाद विंग के मुख्य ऑपरेशनल कमांडर और प्रमुख जकी-उर-रहमान लखवी अक्टूबर में लश्कर और जमात उद दावा के सह-संस्थापक हाफिज सईद से मिलने उनके आवास लाहौर के जौहर टाउन गया था। यह मीटिंग जिहाद के लिए पैसा इकट्ठा करने के संबंध से जुड़ी थी। खुफिया सूचनाओं ने सुझाव दिया कि कश्मीर में खराब हालात पैदा करने के लिए पाकिस्तान की धरती से पैसा इकट्ठा करने के लिए जमात उद दावा अथवा लश्कर द्वारा एक ठोस प्रयास है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि इस्लामाबाद आतंकवादियों को शरण देने से इनकार करता है। इसके अलावा आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की रवैये की बात करें तो अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार ने 26/11 के मुंबई हमलों के अपराधियों के खिलाफ भी कोई एक्शन लेने से इनकार कर दिया था। भारत द्वारा प्रदान किए गए "सबूत" पर कार्रवाई करने से इनकार करते हुए पाकिस्तान ने कहा था कि सईद और अन्य लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।

भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सईद (लाहौर), लखवी (इस्लामाबाद), यूसुफ मुजम्मिल (इस्लामाबाद), डेविड कोलमैन हेडली (अमेरिका में नजरबंदी के तहत), तहवुर हुसैन राणा (अमेरिका में नजरबंद) , साजिद मजीद (लाहौर), अब्दुर रहमान सैयद (लाहौर), मेजर इकबाल (लाहौर), मेजर समीर अली (लाहौर), इलियास कश्मीरी (मृतक), अबू काहफा, और मजहर इकबाल (मुंबई द्वारा पाकिस्तान के संबंध में चार्जशीट) हमले के अपराधी थे।

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