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अमेरिका पर कृपा दृष्टि

👤 | Updated on:7 May 2010 1:30 AM GMT
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अमेरिका की सरकार पाकिस्तान को अपना पालतू समझती है। कोई चाहे तो उसे पाकिस्तान का अन्नदाता भी कह सकते हैं। पाकिस्तान की जो अंदरूनी हालत है वे सरासर असंतुष्टजनक है। सारे देश में अनारकी फैली हुई है। तालिबान सरकार को हटाकर अपने हुकुमत कायम करना चाहते हैं और अपनी हुकुमत हासिल करने के लिए केवल एक ही तरीका जानते हैं और वह बेगुनाहों की हत्या। हिन्दुस्तान में आज तक तो ऐसा हो रहा था लेकिन इन्हीं दिनों अमेरिका के बड़े शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में पाकिस्तान में पैदा हुआ अमेरिकन शहरी बम चलाने की कोशिश में गिरफ्तार कर लिया गया। बयान किया जाता है कि वह यह बम चलाकर दूसरे दिन अमेरिका से अमीरात जाना चाहता था लेकिन आखिरी समय पर अमेरिकन पुलिस ने हवाई जहाज से उसे उतार लिया। बयान किया जाता है कि 30 वर्षीय फैसल शहजाद जो पिछले साल अमेरिकन शहरी बना। यह बम चलाने की कोशिश के बाद दुबई जाना चाहता था। लेकिन ज्यूं ही  कनेडी एयरपोर्ट पर सोमवार की रात को पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि उसे बिल्कुल आखिरी समय पर गिरफ्तार कर लिया गया वरना जहाज उड़ान भर लेता तो फिर यह कहना मुश्किल था कि उसे गिरफ्तार किया जा सकता या न। यह भी कहा जा रहा है कि न्यूयॉर्क में बम चलाकर वो इस्लामाबाद जाना चाहता था और उसके पास पाकिस्तान में रिहाइश का कार्ड भी था जिससे यह पता चलता है कि उसने अमेरिकन शहरीयत अख्तीयार कर लेने के बाद भी पाकिस्तान से अपना संबंध बनाए रखा था। ज्यूं ही यह खबर पाकिस्तान पहुंची तो अधिकारियों ने अपनी चमड़ी बचाने के लिए ऐलान कर दिया कि उन्होंने आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनमें से एक तौहीद नाम है। यह ई-मेल के जरिए शहजाद से सम्पर्क पैदा कर चुका था और दोनों की मुलाकात अमेरिका या करांची में हो चुकी थी। यह भी खबर है कि करांची की एक मस्जिद जिसकी बाबत यह कहा जाता है कि जैश-ए- मोहम्मद के लोगों को उसमें दिलचस्पी है। एक और व्यक्ति मोहम्मद रैहान गिरफ्तार किया गया है। रैहान और शहजाद ने पेशावर में कई दिन एक साथ दिन गुजारे हैं। फैसल शहजाद की उम्र 30 वर्ष की है और अमेरिका में कंकटिक्ट राज्य में रहता है उसने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में अपने हाथ से बनाए हुए बम चलाने की कोशिश की कहा जाता है कि उसने एक सैकेंडहैंड मोटर कार 18 सौ डालर में खरीदी और उसे मरम्मत के लिए एक फैक्ट्री में ले गया था। वहां पुलिस पहुंच गई इस तरह ये गिरफ्तार हो गया। कहा जाता है कि इस गिरफ्तारी से पहले शहजाद पाकिस्तान में पांच हफ्ते तक रह चुका है। अधिकतर समय पेशावर में ही बिताया, जहां  तालिबान सक्रिय है। बयान किया जाता है कि सोमवार की यह गिरफ्तारी मुकामी लोगों के खतरे से अमेरिकन अधिकारियों को परेशान कर रही है। इससे पहले डेविड हेडिली भी अमेरिकन अधिकारियों के लिए सिरदर्द साबित हो चुका है। इन सब के अलावा नजिबुल्ला, रजि और निडाल मलिक हसन के नाम लिए जा रहे हैं।  

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