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बर्तानवी संसद के चुनाव

👤 | Updated on:9 May 2010 1:31 AM GMT
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हर लोकतंत्र देश की तरह बर्तानिया में भी पांच साल के बाद संसद के चुनाव होते हैं ताकि इस बात का फैसला हो सके कि किसने बर्तानिया के अवाम पर हुकूमत करनी है। संयोग की बात है कि जितनी पार्टियों ने चुनाव में हिस्सा लिया उनमें से किसी को भी बहुमत हासिल नहीं हुई। सबसे ज्यादा वोटें कन्जरवेटों पार्टी ने हासिल की हैं, जिनकी संख्या 306 है। ये पिछले चुनाव के मुकाबले में 97 सीटें ज्यादा हैं, उसके बाद लेबर पार्टी आती है जो इस वक्त तक सत्ता में थी लेकिन इस चुनाव में उसे 91 उम्मीदवारों से महरूम होना पड़ा है। इस तरह उसके 258 उम्मीदवार कामयाब हुए हैं, उसके बाद छोटी-छोटी पार्टियों की चर्चा होती है उनमें लिबरल डीमोक्रेटस हैं पिछले चुनाव के मुकाबले में पांच सीटें उन्हें कम मिली हैं इस तरह उनके 57 आदमी कामयाब हुए हैं। स्काटस नेशनल पार्टी का कोई उम्मीदवार हारा नहीं। उसके 6 मेम्बर कामयाब हो गए बर्तानवी आयरलैंड के 3 आदमी कामयाब हुए हैं जिसमें एक नया है बाकी दो पुराने हैं। दूसरे उम्मीदवारों में से दो को नाकामी मिली है। इस तरह उनकी संख्या 20 रह गई है। ये है खुलासा 650 मेम्बरों का। इस तरह कन्जरवेटों 36.1 प्रतिशत वोटें हासिल कर सकी हैं लेबर 22.9 वोट हासिल कर सकी हैं लेबरलडेमोक्रेट 22.9 और बाकी जितने बचे हैं वे 11.8 हैं। इस तरह कुल मिलाकर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिली क्योंकि बहुमत हासिल करने के लिए 325 उम्मीदवारों की जरूरत है और सबसे बड़ी पार्टी जो है वो कन्जरवेटों है उसके 306 सदस्य हैं। कन्जरवेटों पार्टी की कामयाबी की अहमियत यह है कि यह तीसरी कोशिश है कि वो लेबर पार्टी को शिकस्त दे सकी है हक तो यह है कि पिछले लगभग 40 सालों में ऐसा नहीं हुआ था कन्जरवेटों पार्टी को भी वाजेह बहुमत के लिए 20 वोटें कम मिली हैं। बेशक यह पार्टी इस बात के लिए बेकरार थी कि लेबर का 13 साल हुकूमत को खत्म कर सके। अब उम्मीद की जाती है कि कन्जरवेटों पार्टी के 306 और लिबरल डेमोक्रेट के 57 मेम्बर मिलकर 325 की बहुमत प्राफ्त कर लें। प्रधानमंत्री गौरडन ब्राउन ने कहा है कि वो भी दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर बहुमत हासिल करने की कोशिश करेंगे अगर कोशिश कामयाब हो गई तो एक बार फिर से हम सरकार बनाएंगे। अब दिलचस्पी इस बात पर केन्द्रित है कि जो छोटी-छोटी पार्टियां हैं वो किसके साथ मिलती हैं मौजूदा प्रधानमंत्री लेबर पार्टी के गौरडन ब्राउन साहब ने कहा है कि आप लिबरन डेमोक्रेट लीडर निकक्लेग का एहतराम करते हैं और कोशिश कर रहे हैं कि उससे संपर्क पैदा हो जाए आपने यह भी कहा है कि अगर मिस्टर कैमरोन और मिस्टर क्लेग मिलकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते तो आप मिस्टर क्लेग से विचार विमर्श करने को तैयार हो जाएंगे और संभव है कि हमारी पार्टियों में कोई समझौता हो जाएगा। इस तरह कई वर्ष के बाद बर्तानिया में कोई पार्टी संसद चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर सकी काबिलेगौर बात यह है कि जिन पार्टी की राजनीति एकदम से अलग है वो मिली जुली सरकार बनाने की कोशिश कर रही है देखने की बात है कि कन्जरवेटों और लिबरल डेमोक्रेट आपस में इकठ्ठे हो सकते हैं या नहीं क्योंकि कई बातों में उनमें जबरदस्त मतभेद हैं इसलिए उम्मीद तो नहीं उनमें कोई समझौता हो सकेगा। भारत को सीधे तौर पर बर्तानिया के संसदीय चुनाव के नतीजे पर इसलिए दिलचस्पी है कि कन्जरवेटों पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है और अगर वे सरकार बनाती हैं तो उसमें दो भारतीय शामिल होंगे। लेबर पार्टी की पीलवीवाज अपने भाई केथ के साथ मिलकर एक जोड़ा एक ही खानदान का संसद में नजर आएगा। इसके अलावा ये बात भी काबिलेगौर है कि रीडिंग वेस्ट से आलोक शर्मा और दखनी पश्चिम गिलवर हिंटन से पाल उफ्पल कामयाब हुए हैं इस तरह ये बहन भाई 1950 के बाद पहला जोड़ा कामयाब हुआ है। लेकिन सबसे नुमायां कामयाबी एक व्यक्ति मार्शासिंह को मिली है। जो ब्रेट फ्रट वेस्ट से जिसे नन्हा पाकिस्तान कहा जाता है वहां से 1992 से अब तक सिंह साहब कामयाब होते आ रहे हैं आपके विरोधियों ने इलाके की पाकिस्तानी माहौल को देखते हुए एक पाकिस्तानी को आपके खिलाफ खड़ा कर दिया लेकिन मार्शासिंह ने फिर भी कामयाब हो गए। मानीसूद जो पिछली संसदीय मेम्बर थे और लेबर पार्टी के मेम्बर हैं प्रधानमंत्री गौरडन ब्राउन के जबरदस्त विरोधी समझे जाते हैं। आपको शिकस्त का मुंह देखना पड़ा। इस तरह बर्तानिया में पहली नई ग्रीन पार्टी की एक मेम्बर कैरोलायन लोक्स चुनी गई हैं पाकिस्तान के क्रिकेटर इमरान खान की तलाकशुदा पत्नी जमीमा खान की बहन जैकगोल्ड स्मथ कामयाब हो गई है। कन्जरवेटों पार्टी की पहली भारतीय मेम्बर प्रीति पटेल कामयाब हुई हैं, इसी तरह बर्तानिया की पहली पाकिस्तानी महिला 27 वर्षीया शबाना महमूद कामयाब हुई हैं। विदेशों से आकर बर्तानिया में आबाद होने वाले लोगों के विरोधी पार्टियों के लीडर 1 भी सीट हासिल नहीं कर सके हालांकि उन्होंने 300 उम्मीदवार खड़े किए थे पूर्व लेबर पार्टी के होम सैकेट्री चार्ल्सक्लार्क और जेकल असम्थ भी हार गए हैं लेबर डेमोकेट लेम्बट पोपट हार गए हैं। उत्तरी आयरलैंड की पहली मंत्री पीटर राबनसन इलाइंस पार्टी के उम्मीदवार से पिट गए हैं। बर्तानिया और हिन्दुस्तान के संबंधों में किस तरह इजाफा हो रहा है इसका अंदाजा इस बात से किया जा रहा है कि इस वक्त बर्तानिया में 600 भारतीय फर्में काम कर रही हैं और दोनों देशों के दरमियान व्यापार 13 अरब पाउंड सालाना की हो गई है इस तरह बर्तानिया की कन्जरवेटों पार्टी की लीडर का कहना है कि वे युनाईटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल में भारत के लिए सीट का समर्थन करेंगे। आपका कहना है कि भारत दुनिया भर में सबसे बड़ा डेमोक्रेट देश है और आए दिन आर्थिक तौर पर तरक्की कर रहा है व दुनिया के निहायत अहम जगह पर स्थित है और उस खित्ते में उसकी नुमायां हैसियत है।  

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