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निजी क्षेत्र को कमाई के लिए मिलेंगे सरकारी एसेट, वित्त मंत्री ने की स्कीम की शुरुआत

👤 Veer Arjun | Updated on:24 Aug 2021 10:23 AM GMT

निजी क्षेत्र को कमाई के लिए मिलेंगे सरकारी एसेट, वित्त मंत्री ने की स्कीम की शुरुआत

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नई दिल्‍ली । राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway), रेलवे रूट (railway route), स्टेडियम (stadium), वेयरहाउस (Warehouse), पावर ग्रिड पाइपलाइन (power grid pipeline) जैसी सरकारी बुनियादी ढांचा संपत्तियों को निजी क्षेत्र को कमाई के लिए लीज पर देकर केंद्र की मोदी सरकार (Modi government) करीब 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने इसके लिए सोमवार शाम को नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) प्रोग्राम की शुरुआत की.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन एसेट का ओनरशिप सरकार के पास ही रहेगा, बस इन्हें कमाने के लिए ही पार्टियों को दिया जाएगा, जिसे वे कुछ साल के बाद वापस कर देंगे. नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन केंद्र सरकार के अगले 4 साल में एसेट से कमाई की एक योजना है. निजी क्षेत्र ऐसे बहुत सारे इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करेंगे और उस पर कई साल तक कमाई करेंगे. एक निश्चित समय के बाद वे इन एसेट को सरकार को वापस करेंगे.

राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे रूट, स्टेडियम, पावर ग्रिड पाइपलाइन समेत छह लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा संपत्तियों के मोनेटाइजेशन की योजना को मोदी सरकार ने अंतिम रूप दे दिया है. NMP में मोदी सरकार ब्राउनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट यानी तैयार बुनियादी ढांचे से पैसे जुटाने की कोशिश कर रही है.

क्यों आई जरूरत

निवेशकों को नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (National Monetisation pipeline- NMP) की मदद से किसी प्रोजेक्ट के बारे में साफ तस्वीर मिल सकेगी. नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन वास्तव में सरकार के एसेट मोनेटाइजेशन इनीशिएटिव के हिसाब से मध्यम अवधि का एक रोड मैप कहा जा सकता है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष यानी 2021-22 के बजट में एसेट मोनेटाइजेशन पर काफी जोर देने की घोषणा की थी. केंद्र सरकार कोरोना संकट के इस दौर में पैसे की तंगी से जूझ रही है. मोदी सरकार देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंस जुटाने के नए-नए रास्ते तलाश रही है.

छह लाख करोड़ जुटाने की योजना

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहीन कांत पांडे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'करीब छह लाख करोड़ रुपये की संपतियों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के वास्ते राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना पर काम चल रहा है. इसमें पाइपलाइन, पावर ग्रिड पाइपलाइन से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग की कई तरह की संपत्तियां शामिल हैं.'

बेहतर होगा बुनियादी ढांचा!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2021-22 के बजट भाषण में दरअसल नए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचा संपत्ति का मौद्रीकरण एक बहुत महत्वपूर्ण वित्तपोषण विकल्प बताया था. सरकार संपत्तियों के मौद्रीकरण को केवल वित्तपोषण का साधन मात्र ही नहीं बल्कि ढांचागत परियोजनाओं के रखरखाव और विस्तार की बेहतर रणनीति के तौर पर देख रही है.

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