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रिमझिम फुहारों के बीच निकाली भोलेनाथ की सवारी

👤 Veer Arjun | Updated on:3 Aug 2021 6:45 AM GMT

रिमझिम फुहारों के बीच निकाली भोलेनाथ की सवारी

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खंडवा। श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर्व पर प्रातः काल से ही रिमझिम फुहारों का दौर प्रारंभ हो गया था जो रुक-रुक कर शाम तक भी चलता रहा। इसके बावजूद भी माहौल ऐसा ही दिन भर बना रहा। इसी माहौल में प्रदेश एवं देश के अनेक प्रांतों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु गण ओंकार ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थल में नर्मदा स्नान करने के साथ दोनों मुख्य मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने दिनभर पहुंचते रहे। बहुत से श्रद्धालुओं ने ओंकार पर्वत की परिक्रमा भी की।

बता दें कि द्वितीय सोमवार पर्व होने से ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर मंदिर की भगवान भोलेनाथ की सवारी अभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निकाली गई तथा ओम्कारेश्वर मंदिर के गर्भ ग्रह में विराजित भगवान भोलेनाथ एवं मां जगदंबा की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार भी किया गया।

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रावण मास के द्वितीय सोमवार पर्व पर प्रातः काल से ही रिमझिम बारिश का दौर प्रारंभ हो गया था जो रुकरुक कर शाम तक चलता रहा। ऐसे ही माहौल के बीच प्रदेश एवं देश के विभिन्न स्थानों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का क्रम दिनभर चलता रहा, हालांकि बारिश के चलते यात्रियों को कुछ हां सुविधा भी हुई इसके बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।

खंडवा लोकसभा के उपचुनाव के चलते राजनेताओं का आवागमन भी प्रारंभ हो गया है। सोमवार पर्व पर प्रदेश के वन मंत्री एवं मांधाता विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी विजय शाह एवं क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल भी ओमकारेश्वर दर्शन करने पहुंचे थे। विधायक ने बाद में ओमकारेश्वर मंदिर की भगवान भोलेनाथ की सवारी के पूजन अभिषेक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

श्रावण मास की परंपरा के अनुसार द्वितीय सोमवार पर्व पर शाम 5 बजे ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भ गृह में विराजित भगवान भोलेनाथ एवं मां जगदंबा की प्रतिमा का विभिन्न प्रकार के पुष्प एवं फलों से आकर्षक श्रंगार भी किया गया था। इस स्वरूप के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में बाहर से आए श्रद्धालु गण सहित स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

भोलेनाथ की सवारी में गूंजा भोले शंभू भोलेनाथ के स्वर

शाम 4 बजे ओमकारेश्वर मंदिर से भगवान भोलेनाथ की पंचमुखी रजत प्रतिमा को पालकी में बैठा कर स्थानीय कोटि तीर्थ घाट लाया गया। यहां पर उनका पूजन अभिषेक पंडित राजेश्वर दीक्षित एवं उनके साथी पंडितों द्वारा विधि विधान से किया गया। यजमान के रूप में क्षेत्र के विधायक नारायण पटेल तथा मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी जंग बहादुर सिंह उपस्थित थे। भगवान भोलेनाथ के पूजन अभिषेक को देखने के लिए बड़ी संख्या में शिव भक्त गण उपस्थित रहे।

इसी तरह ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की भगवान भोलेनाथ की दो मुखी पीतल की प्रतिभा को कास्ट निर्मित पालकी में बैठा कर स्थानीय गोमुख घाट लाया गया। यहां पर उनका 151 लीटर दूध दही पंचामृत से अभिषेक किया गया। यहां पर भी भारी संख्या में शिव भक्त गण इस आयोजन को देखने के लिए उपस्थित थे। इसके पश्चात दोनों मंदिरों की सवारियों को नावों के समूह द्वारा नर्मदा भ्रमण करवाया गया। इस दौरान नर्मदाजी के दोनों तटों के घाटों तथा झूला पुल एवं प्रगामी पुल पर हजारों की संख्या में उपस्थित शिव भक्तों ने भोले शंभू भोलेनाथ के स्वर से तीर्थ नगरी को गुंजायमान कर दिया। इसके पश्चात ओंकारेश्वर मंदिर की सवारी शिवपुरी क्षेत्र के पिछले घाट से मुख्य बाजार मार्ग से होती हुई शाम 7 बजे ओमकारेश्वर मंदिर पहुंची तो दूसरी ओर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की सवारी कोटि तीर्थ घाट पहुंचने के बाद पुनः वापस होकर गोमुख घाट से ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंची। (हि.स.)

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