Top
Home » देश » उन्नाव गैंगरेप पीड़ित के गुनहगारों को फांसी की सजा हो : स्वाति

उन्नाव गैंगरेप पीड़ित के गुनहगारों को फांसी की सजा हो : स्वाति

👤 Veer Arjun | Updated on:7 Dec 2019 7:40 AM GMT

उन्नाव गैंगरेप पीड़ित के गुनहगारों को फांसी की सजा हो : स्वाति

Share Post

नई दिल्ली । महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों से आहत दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का आमरण अनशन शनिवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। वह राजघाट में अनशन पर बैठी हैं। मालीवाल दुष्कर्मियों को छह महीने के अंदर फांसी की सजा देने की मांग कर रही हैं। वह शुक्रवार देररात उन्नाव गैंगरेप पीड़ित के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ देने से गम और गुस्से में हैं। मालीवाल ने कहा खोखले सिस्टम से लड़ने के बाद देश की एक और बेटी ने दम तोड़ दिया। मरते हुए भी वह लड़ती रही और डॉक्टरों से जिंदा रखने की गुहार लगाती रही। पीड़ित ने बार-बार कहा, वह अपने गुनहगारों को फांसी पर चढ़ते हुए देखना चाहती है। स्वाति मालीवाल ने कहा केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार गूंगी-बहरी है। दोनों सरकारों को चाहिए कि वे आरोपितों को तुरंत फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से फांसी की सजा दिलवायें।

स्वाति मालीवाल को भारी समर्थन मिल रहा है। शनिवार सुबह आप नेता और प्रवक्ता राघव चड्ढा राजघाट पहुंचे और स्वाति मालीवाल को समर्थन दिया। बताया गया है कि दोपहर बाद सांसद संजय सिंह भी राजघाट पहुंचने वाले हैं। इससे पहले शुक्रवार दोपहर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उनसे मिलने पहुंचे थे। इस बीच लोकनायक अस्पताल के डॉक्टरों ने उनका हेल्थ चेकअप किया है। डॉक्टरों ने कहा है कि उनका वजन तीन किलोग्राम कम हुआ है। मालीवाल का कहना है कि मांगें पूरी होने पर ही वह आमरण अनशन तोड़ने की घोषणा करेंगी।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की मांग है- आरोपितों को छह महीने के भीतर फांसी की सजा दी जाए। निर्भया के बलात्कारियों को फांसी पर चढ़ाया जाए। दिल्ली पुलिस में 66000 पुलिसकर्मियों की भर्ती हो। अधिक संख्या में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं। पुलिस की जवाबदेही तय की जाए। निर्भया फंड का इस्तेमाल किया जाए। वह तीन दिसंबर से आमरण अनशन पर हैं।

Share it
Top