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किसान आंदोलन : एनसीआर को छोड़कर हरियाणा में एनएचआई और स्टेट हाइवे के टोल प्लाजा हुए फ्री

👤 Veer Arjun | Updated on:12 Dec 2020 8:52 AM GMT

किसान आंदोलन : एनसीआर को छोड़कर हरियाणा में एनएचआई और स्टेट हाइवे के टोल प्लाजा हुए फ्री

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चंडीगढ़ । कृषि कानूनों को रद्द कराने को लेकर दिल्ली सीमा में डटे किसानों की ओर से शनिवार को देशभर में टोल प्लाजा को पर्ची मुक्त यानी फ्री करने का ऐलान किया गया था। इस ऐलान का आज हरियाणा में काफी असर देखने को मिला। किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से लेकर स्टेट हाइवे के टोल प्लाजा को फ्री कर दिया। प्रदेश में ज्यादातर टोल प्लाजा दोपहर तक फ्री हो चुके थे। एक-दो टोल प्लाजा को किसान फ्री नहीं करवाए पाए जबकि एनएचआई और स्टेट हाइवे के तमाम टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा जमा लिया और वाहनों की फ्री एंट्री करवाई।

कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने पर अड़े हैं तो केंद्र सरकार कानूनों में संशोधन को लेकर राजी हुई है। लिहाजा किसानों ने संशोधन को खारिज करते हुए आंदोलन को और तेजी देने की रणनीति बनाई है। रणनीति की शुरूआत एक दिन के लिए टोल प्लाजा को फ्री करवाने से हुई। टोल फ्री की शुरूआत सबसे किसानों ने सीएम सिटी करनाल से की। एनएच-44 के बसताड़ा स्थित टोल पर किसानों शुक्रवार रात्रि ही कब्जा कर लिया और वाहनों की एंट्री फ्री में करवाई। किसानों ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इसके बाद एनएच-44 पर ही स्थित शंभू बार्डर के फ्री होने की सूचना आई। दो टोल फ्री होने के बाद किसानों ने एनएच-9 के मय्यड़ टोल को खोल फ्री करवाया। इसके बाद किसान एनएच 52 पर स्थित बाड़ो पट्टी टोल प्लाजा पर पहुंचे। किसानों ने हिसार के चारों टोल प्लाजा को फ्री करवाया। इनमें चौधरीवास, बाड़ो पट्टी, सरसौदा पिछपड़ी व लड़हरियां टोल प्लाजा शामिल हैं।

जींद में किसानों ने पंजाब सीमा से लगते जींद-पटियाला मार्ग पर खटकड़ टोल प्लाजा को जनता के लिए खोल दिया। सिरसा में भी किसानों ने भावदीन टोल को जनता के लिए फ्री कर दिया। दोपहर होते-होते किसानों ने ज्यादातर टोल प्लाजा को फ्री करवा दिया था। किसानों ने भिवानी के चरखी-दादरी रोड पर स्थित कितालना, पंचकूला में रूकड़ी नेशनल हाइवे पर स्थित मिल्क माजरा, रोहतक में डीघल, करनाल में बसताड़ा व प्यौंत, पलवल में एनएच-19 में गांव तुमसरा टोल प्लाजा पर धरना देकर वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई।

हरियाणा में यह हैं एनएचआई के टोल प्लाजा

हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के 18 टोल प्लाजा हैं। इनमें कैथल-हरियाणा राजस्थान बार्डर एनएच-52 पर बाड़ोपत्ती, एनएच-52 पर ही चौधरीवास व एनएच-52 पर ही नरवाना, हिसार-डबवाली एनएच-9 पर भवनदीन व एनएच-9 पर लडहरियां, रोहतक-पानीपत एनएच-71ए पर डाहर व एनएच-71ए पर मड़कौली कलां, रोहतक बावल एनएच-71 पर डीघल और रोहतक-बावल एनएच-71 पर ही घनछया जाट, हिसार-डबवाली, रोहतक-हिसार एनएच-10 पर मदीना कोरसान व एनएच-10 पर खुहियां मलकान, एनएच-10 पर रामायणा तथा दिल्ली-हरियाणा-रोहतक हिसार एनएच-10 पर रोहड़, यमुनानगर-पचंकूला एनएच-73 पर मिल्क माजरा तथा पानीपत-अंबाला एनएच-44 पर पानीपत एलिवेटिड हाइवे, एनएच-44 पर ही घरौंड़ा, पानीपत-जालंधर एनएच-44 पर लाडोवाल व एनएच-44 पर ही शंभू बॉर्डर घग्गर पर टोल प्लाजा स्थित है।

ये टोल प्लाजा नहीं हुए थे फ्री

शनिवार दोपहर तक हरियाणा में एनएचआई और स्टेट हाइवे के टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा जमा लिया था। एनसीआर में किसान टोल प्लाजा पर कब्जा नहीं जमा पाए। इनमें रेवाड़ी-रोहतक एनएच-71, हिसार-कैथल मार्ग पर बद्दोवाल, दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर, दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर व दिल्ली-केएमपी एक्सप्रेस-वे पर आने जाने वाहनों से टोल वसूला गया। यहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। सीआईएसएफ की दो तथा आरएएफ की एक कंपनी तैनात थी।

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