Top
Home » देश » चमोली आपदा : अब तक 67 शव बरामद, खोजबीन जारी

चमोली आपदा : अब तक 67 शव बरामद, खोजबीन जारी

👤 Veer Arjun | Updated on:21 Feb 2021 7:44 AM GMT

चमोली आपदा : अब तक 67 शव बरामद, खोजबीन जारी

Share Post

देहरादून । उत्तराखंड के चमोली स्थित रैंणी और तपोवन क्षेत्र में ऋषि गंगा की आई जल प्रलय आपदा के 15 वें दिन रविवार को भी लापता लोगों की खोजबीन और प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य जारी है। अबतक कुल 67 शव मिल चुके हैं।जिसमें कुल 34 की शिनाख्त हो चुकी है जबकि 137 लापता व्यक्तियों की तलाश जारी है। वहीं सुरंग से पानी निकालने से राहत बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

परिजन अपनों की तलाश में तपोवन में आपदा के दिन से डटे हुए हैं। अभीतक बड़ी संख्या में लोगों का सुराग नहीं मिला है। वहीं पुलिस-प्रशासन का कहना है कि आखिरी व्यक्ति की खोज तक राहत कार्य जारी रहेगा। मलबा और मौसम के चलते कठिनाईयां आ रही हैं, फिर भी देवदूत बनकर जवान अपने अभियान को जारी रखे हैं। सरकार और पुलिस प्रशासन के साथ आपदा टीम काम को अंजाम दे रही है। हालांकि आपदा के 15 दिनों बाद भी लापता लोगों का नहीं मिलना चिंता का विषय है।

राज्य आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को जिले में आपदा प्रभावित मलबे में दबे और लापता लोगों को खोजने के लिए सर्च अभियान को जारी रखा गया है। मलबे में कीचड़ आने से राहत-बचाव कार्य में बाधा आ रही है। रैंणी और तपोवन क्षेत्र में शनिवार देर रात तक 14 वें दिन आपदाग्रस्त क्षेत्र से पांच शव बरामद किए गए थे। अबतक कुल 67 शव मिल चुके हैं। अभी तक कुल 34 की शिनाख्त हो चुकी है जबकि 137 लापता व्यक्तियों की तलाश जारी है। तपोवन सुरंग में लगातार पानी का रिसाव होने से मलबा हटाने का कार्य प्रभावित हो रहा है। पानी के रिसाव के लिए दो पंप मशीनें लगाई गई हैं।

आपदा के दिन से ही एनडीआरएफ, डीआरएफ, आईटीबीपी,सेना, बीआरओ और स्थानीय पुलिस के जवानों की ओर से राहत व बचाव का कार्य रात-दिन युद्धस्तर पर जारी है। इस कार्य में फायर विभाग के 16 फायरमैन, राजस्व विभाग के 45 कर्मी और दूर संचार के 07 व 80 सिविल पुलिस तपोवन, रैणी गांव के डटे हुए हैं।

आपदा में 06 घायल और 12 एनटीपीसी के कर्मचारियों सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। त्रासदी में कुल 12 गांवों के 465 परिवार प्रभावित हुए हैं। टनल में करीब तीन दर्जन फंसे व्यक्तियों में 13 का शव बरामद किया जा चुका है। वहीं जल प्रलय में बाधित 13 गावों में बिजली और पानी की सुविधा बहाल कर दी गई है। इस आपदा में जानमाल के साथ बड़े स्तर पर पशुहानि भी हुई है।

वैज्ञानिकों और एसडीआरएफ की 14 सदस्यीय दल ऋषिगंगा जलागम क्षेत्र में बनी झील के निरीक्षण के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच गया है। देहरादून से रवाना दल शनिवार को रोंठी ग्लेशियलर के तलहटी क्षेत्र में झील स्थल तक पहुंच गया है। टीम के साथ सेटेलाइट फोन से सम्पर्क होने पर प्राथमिक अपडेट लिया जायेगा । झील स्थल पर निरीक्षण और आकलन के साथ ही निराकरण के लिए विशेष अध्ययन विस्तृत रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। ताकि आने आने वाले समय में आपदा के खतरे को रोका जा सके।

Share it
Top