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`करीब है यारो रोज-ए-महशर'

👤 | Updated on:22 April 2010 9:12 PM GMT
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`छिपेगा कुश्तों का खून कब तक जो चुप रहेगी जुबान-ए-खंजर लहु पुकारेगा आस्तीं का' पाकिस्तान के पूर्व डिटेक्टर जनरल परवेज मुशर्रफ साहब ने यह समझ लिया था कि बेनजीर भुट्टों को ठिकाने लगा देने से उनकी हुकूमत और उनकी सत्ता हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगी क्योंकि आपने अपने अमल से पाकिस्तानी अवाम को इतना प्रभावित कर दिया था कि आपके दिमाग में यह बात न आई कि कोई समय ऐसा भी आएगा जब आपको भी अपनी हरकतों का जवाब देना पड़ेगा। आपने यह समझ रखा था कि हिन्दुस्तान से बदमजगी बदस्तूर चलती रहे और इससे पाकिस्तानी अवाम इतने प्रभावित होंगे कि वह यह देखने की जरूरत ही नहीं समझेंगे कि मुशर्रफ कोई गलत बात भी कर सकता है। इस गलतफहमी का शिकार होकर आपने इस बात की जरूरत ही न समझी कि अब जबकि बेनजीर भुट्टो अपनी देशनिकाला से वापिस आ रही हैं तो लाजिमी तौर पर आपके सत्ता को प्रभावित करेंगी। इसलिए आपके विरोधियों ने यह परोपैगण्डा करना शुरू कर दिया कि बेनजीर अमेरिका के जेरेअसर भारत के प्रति अपने नजरिए में तब्दीली करने वाली हैं और इसका नतीजा यह हो सकता था कि कश्मीर जो पाकिस्तानियों के लिए जिंदगी और  मौत का सवाल बन गया था खटाई में पड़ जाएगा। चुनांचे आपने आईएसआई को इशारा किया कि इस मामले पर वह सोचें। अपनी चमड़ी बचाने के लिए आपमें यह कहने की हिम्मत न हुई कि बेनजीर को ठिकाने लगाने का इंतजाम किया जाए लेकिन इशारों इशारों में कह दिया कि वह क्या चाहते हैं। चुनांचे आईएसआई ने एक षडयंत्र रचा और बेनजीर का पाकिस्तान में कदम रखते ही कत्ल कर दिया गया। इस पर आपने समझा कि मामला रफा-दफा हो जाएगा लेकिन वाकयात ने कुछ और ही मोड़ ले लिया पाकिस्तान की सरकार ने बेनजीर भुट्टो हत्या षडयंत्र के विवरण जानने की कोशिश की तो उसे यही पता चला कि पांच छह लोगों ने मिलकर बेनजीर की हत्या का  इंतजाम कर रखा था। मुशर्रफ साहब की सरकार ने इस हत्या के मामले में केवल इतना ही जरूरी समझा लेकिन जो पाकिस्तानी भुट्टो की पार्टी के थे उन्हें मुशर्रफ और आईएसआई के चीफ पर शक था इसलिए यह आवाज ज्यादा ही ज्यादा सुनाई देने लगी कि बेनजीर की हत्या का मामला बहुराष्ट्रीय के हवाले किया जाए। उस वक्त तक जनरल साहब रिटायर हो चुके थे। और उन्होंने सोचा कि जो उनका इरादा था वह तो पूरा हो गया बाकी क्या होना है उनकी बला से। लेकिन आपको यह ख्याल न आया बहुराष्ट्रीय जैसी  जिम्मेदार संस्था इतने सक्रिय लीडर की हत्या की पूरी तहकीकात करेगी उसने जो रिपोर्ट पेश की उसमें इस बात का इशारा कर दिया कि उसके ख्याल में पाकिस्तानी सरकार भी जवाबदेह हो सकती हैं। इस तरह जब यह रिपोर्ट पाकिस्तानी अधिकारियों के हाथ में आई तो उन्हें यह कहना पड़ा कि रिपोर्ट पर पूरा अमल किया जाएगा। पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक साहब ने अवाम को बताया कि पाकिस्तानी अवाम की ख्वाहिश है कि जिन लोगों ने बेनजीर की हत्या की है उन्हें गिरफ्तार किया जाए और यह गिरफ्तारियां बहुत जल्द होना शुरू हो जाएंगी। इस बीच बहुराष्ट्रीय कमीशन की रिपोर्ट के कुछ विवरण मंजरे-आम पर आए हैं और इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मुशर्रफ साहब की सरकार बावजूद इस बात के कि बेनजीर को जिंदगी को खतरा था जिस पर मुनासिब कार्रवाई न की गई रिपोर्ट में यह भी माना गया था कि बेनजीर की हत्या के कई मंसूबे बन रहे हैं बावजूद इस सबके जो तहकीकात पाकिस्तानियों ने की उसमें कई गलतियां और कमजोरियां रह गई थीं। जिन्हें बहुराष्ट्रीय की रिपोर्ट ने उजागर कर दिया। अब संबंधित वजीर ने ऐलान किया है कि अब जबकि बहुराष्ट्रीय कमीशन ने भुट्टों की हत्या के सिलसिले में अपना फतवा दे दिया है तो मुशर्रफ के खिलाफ आइंदा चंद दिनों में मुनासिब कार्रवाई की जाएगी। पाकिस्तान में राजनीतिक जुर्मों की सजा के तौर पर `मुनासिब कार्रवाई' क्या होती है यह सारी दुनिया जानती हैं बेनजीर के बदनसीब पिता जुल्फिकार अली भुट्टो से `मुनासिब कार्रवाई' ही की गई थी क्या अजब अगर मुशर्रफ साहब से भी वैसे ही मुनासिब कार्रवाई की जाए। इस बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सूत्रों ने इशारा किया है कि जनरल मुशर्रफ और 7 सिविल पुलिस अधिकारी जिनको उनके ओहदो से हटा दिया गया था और कुछ दूसरे लीडर जो बेगम भुट्टों की हत्या की जिम्मेदारी के लिए जिम्मेदार थे कि गिरफ्तारी का हुक्म दे दिया जाएगा। इस बात का फैसला पिछले शनिवार को बहुराष्ट्रीय की रिपोर्ट आने पर किया गया जिसमें इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया। पाकिस्तान के अखबार `दि नेशन' ने रिपोर्ट प्रकाशित की है कि पाकिस्तान की आईएसआई के चीफ हमीद गुल पूर्व इंटर सर्विसेज इंटिलेंस से ब्यूरो दफ्तर के चीफ एजाज शाह और पूर्व सेक्रेटरी कमाल शाह के नाम  इस लिस्ट में दर्ज हो गए जिन्हें नौकरी से निकाला जाना हैं। और इस वक्त उनके नाम मंजरे-आम पर नहीं आ रहे तो इसलिए अधिकारी उन लोगों के पाकिस्तान से भाग जाने या और किसी तरह गिरफ्तारी से बचने के इंतजामात मुकम्मल न हो जाएं तब तक उनके नाम प्रकाशित नहीं किए जाएंगे लेकिन सरकार व तमाम व्यवस्था करेगी ताकि उन सबको चुपचाप गिरफ्तार कर लिया जाए।

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