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कैरियर इन मीडिया ः कोर्स और योग्यता

👤 | Updated on:2013-02-09 00:56:29.0
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 आज कोई भी कोर्स कॅरियर की गारंटी नहीं दे सकता है, लेकिन फिर भी कुछ ऐसे कोर्स होते हैं जिसे करने के बाद स्टूडेंट्स को नौकरी मिल जाती है। मास मीडिया को इसके अंतर्गत रखा जा सकता है। इन दिनों हर युवा जर्नलिस्ट बनना चाहता है, लेकिन सभी अपने सपने को साकार नहीं कर सकते हैं। प्रमुख कारण यह है कि इस क्षेत्र में सफल होने के लिए जिस तरह की योग्यता, क्षमता और धर्य की जरूरत पडती है, उस तरह की योग्यता सबके पास नहीं होती है। परिणाम यह होता है कि कोर्स करने के बावजूद उसे रोजगार नहीं मिल पाता है। इसके विपरीत जिसके पास जज्बा, जुनून और धर्य होता है, आगे बढने के लिए हमेशा तत्पर रहता है, हमेशा कुछ नया करने की जिज्ञासा और न्यूज सेंस होता है, उसे इस क्षेत्र में आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता है। अच्छी सैलरी के साथ ही विशेष सुविधा मीडिया को अन्यक्षेत्रों की अपेक्षा एक अलग आकर्षण और मजबूती प्रदान करता है और भीड से अलग भी रखता है। बहुत पहले की बात नहीं है जब साहित्य में डिग्री व उच्च श्रेणी की संवाद-क्षमता रखने वाले लोगों को पत्रकारिता व इससे जुडे क्षेत्रों के लिए उपयुक्तमाना जाता था, परंतु मानव-जीवन में तकनीक के बढते हस्तक्षेप ने इस क्षेत्र में ऐसे ट्रेंड प्रोफेशनल्स की जरुरत पैदा कर दी है, जो सभी प्रकार की ऑडियंस तक शीघ्र एवं प्रभावशाली ढंग से संदेश पहुंचा सके। इस प्रोफेशन में आने के बाद युवा आम से खास हो जाते हैं और उनकी जिम्मेदारी काफी अधिक बढ जाती है, जो उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाती है। बदलता समाज बदलती मीडिया किसी की प्रासंगिकता तभी तक बनी रहती है, जब तक खुद को समय और परिस्थितियों के अनुरूप बदलता रहता है। आज सभी चीजें तेजी से परिवर्तित हो रही हैं, सामाजिक सरोकार भी बदल रहे हैं। इस बदलाव ने मीडिया क्षेत्र को भी पूरी तरह से बदल दिया है। आज जब ब्लॉग्स का प्रचलन बहुत बढ गया है, कहा जाने लगा है कि कोई भी आसानी से पत्रकार बन सकता है परंतु जमीनी हकीकत यह है कि इसमें सफलता के लिए कठिन मेहनत और एक विशिष्ट नजरिया जरूरी है। टीवी पर फ्लैश होती न्यूज और उसके साथ दर्शकों की तीव्र-मंद होती सांसें या रोज सुबह ताजा खबरों की तलाश में अखबार का बेसब्री से इंतजार करते लोग, स्पष्ट करते हैं कि समाचारपत्र आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं। जरूरत है, तो इसकी विश्वसनीयता बनाए रखने की। किसके लिए है यह कॅरियर इस सवाल के जवाब के लिए आपको विवेचनात्मक आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। यहां रूटीन वर्प से हटकर काम होता है। इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए कोई भी समय निर्धारित नहीं होता है। आपको हमेशा नई न्यूज की तलाश में भटकना पडता है। आपमें शब्दों को प्रयोग करने की रचनात्मकता होनी चाहिए तथा जटिलतम विषयों को सरलतम रूप में अधिकाधिक लोगों तक संप्रेषित करने की योग्यता होनी चाहिए। कठिन परिश्रम व धैर्य का होना इस क्षेत्र में बहुत जरूरी है, क्योंकि इस क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल करने में समय लगता है। सफल होने के लिए जरूरी है कि आप हर काम को अलग ढंग से करें और लोगों की सोच और उनकी रुचि को समझते हुए सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते न्यूज परोसने की कोशिश करें। अगर आप इस कला में परफैक्ट बनते हैं, तो आपकी चमक और धमक औरों के मुकाबले काफी बेहतर होगी और आपको आम से खास होने में भी अधिक समय नहीं लगेगा। कोर्स और योग्यता अगर आप मास कम्युनिकेशन की किसी शाखा में प्रवेश लेते हैं, तो आपको इससे जुडे लगभग सभी पहलुओं की कवरेज करनी होगी। मसलन, रेडियो, टेलीविजन, प्रिंट ऐंड वेब मीडिया, जर्नलिज्म, एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन, इवेंट मैनेजमेंट, मीडिया लॉ, कम्युनिकेशन स्किल, फोटो जर्नलिज्म आदि। मास कम्युनिकेशन का प्रशिक्षण देने वाले संस्थान तो बहुत हैं, लेकिन अच्छे संस्थानों की सूची में उन्हीं को शामिल किया जा सकता है जिनके पास कई अनुभवी मीडिया पर्सनैलिटी फैकल्टी के रूप में उपलब्ध होती हैं। शॉर्ट टर्म डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी आप कर सकते हैं। मास मीडिया के किसी भी क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन करने के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। पत्रकारिता एवं जनसंचार में परास्नातक तथा पीजी डिप्लोमा करने के लिए किसी भी स्ट्रीम से स्नातक होना अनिवार्य है। कई विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते हैं। इस समय जर्नलिज्म के सभी कोर्स काफी हॉट हैं। आप इनमें से किसी भी कोर्स में अपनी रुचि के अनुरूप एडमिशन ले सकते हैं। सफल प्रोफेशनल बनने के टिप्स अगर आपकी लेखन शैली अच्छी है, आपकी वाक्य संरचना में टूटन नहीं है और शब्दों का चयन, अर्थ को पूरी तरह प्रस्तुत करने में सक्षम हैं तो मीडिया फील्ड में काफी आसानी हो जाती है। मीडिया फील्ड में तो बिना कम्प्यूटर की जानकारी के अब प्रवेश भी जल्द संभव नहीं है। अगर आप इस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो निम्न चीजों पर अवश्य ध्यान दें - - बोलचाल की भाषा में ही लिखें, साथ ही भाषा को समृद्ध बनाने का प्रयास करें। प्रतिदिन कम से कम दो राष्ट्रीय स्तर के समाचारपत्रों को पढने की आदत डालें। न्यूज चैनल पर प्रसारित होने वाले टॉक शो, विशेषज्ञ परिचर्चा देखें। - सामयिक विषयों पर तार्किक चर्चा आपकी विश्लेषण क्षमता बढाएगी। क्षेत्रीय भाषा पर पकड बनाने के साथ लेखन में उसका नियमित इस्तेमाल करें। अखबारों में प्रयोग होने वाली भाषा पर पकड बनाएं। चुनौतियों में छिपा अवसर भारतीय संदर्भ में जनसंचार इस समय सबसे तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र माना जा रहा है। देश में बडी संख्या में टीवी और रेडियो चैनल्स हैं, वहीं सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में अखबार और पत्रिकाएं निकल रही हैं। इसके अलावा गवर्नमेंट सेक्टर में भी इसके प्रोफेशनल्स के लिए काफी नौकरियां हैं। विदेश में भी इस फील्ड के जानकारों की अच्छी डिमांड है। सीएनबीसी, बीबीसी, डिज्नी एंटरटेनमेंट, एबीसी जैसी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इस फील्ड में विभिन्न स्तरों पर जॉब्स दे रही हैं।                            (कैरियर-टीम)

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